प्रदेश सरकार धान खरीदी की समय सीमा बढ़ाये और किसानों का एक एक दाना धान खरीदे- धनीराम।

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तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अव्यवस्था को लेकर किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। धान खरीदी को अब 10 दिन ही शेष बचे है। परंतु अभी तक करीब 40 प्रतिशत किसानों का टोकन नही कटा है। जिन्होने अपना धान नही बेचा है। ऐसी स्थिति में हजारों किसान अपनी उपज बेचने से वंचित रह जायेगें। शासन व प्रशासन किसानों को इस समस्या से राहत देने कोई ठोस कदम नही उठा रही है। अपना धान बेचने के लिए किसानों को समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है। कभी टोकन जारी नही होने से तो कभी समितियों में खरीदी की सीमा अचानक घटा दी जाती है। जिसके कारण किसानों को बार बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। धान खरीदी केन्द्रों में फैली अव्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी आंदोलन के मूड में नजर आ रही है। समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार से मांग कि है कि किसानों का एक एक दाना धान खरीदे और धान खरीदी कि तारीख में बढ़ोत्तरी कर 15 फरवरी तक करें।

समाजवादी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता व बिलासपुर लोकसभा संसदीय प्रत्याशी धनीराम यादव ने कहा है कि किसानों की हितेषी बनने वाली प्रदेश की भाजपा सरकार में किसानों को अपनी मेहनत की कमाई को बेचने के लिए समितियों का चक्कर काटना पड़ रहा है। इसके बाद भी किसान का धान नही बिक पा रहा है। धान खरीदी कि समय सीमा समाप्त होने में अब करीब 10 दिन ही शेष बचे है लेकिन अभी तक करीब 40 प्रतिशत किसानों ने अपना धान नही बेचा है। मौजूदा हालात में किसान भारी अव्यवस्था और प्रशासनिक दबाव का सामना कर रहे है। श्री यादव ने कहा कि किसानों की हितेषी बनने वाली भाजपा सरकार में किसानों को शुरू से लेकर अपना धान बेचने तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पहले खाद, बिजली और पानी के लिए किसानों को जुझना पड़ता है िफर कड़ी मेहनत करके किसान अपनी फसल को लेकर समितियों में बेचने जाता है तो वहां भी उसको अपनी फसल को बेचने के लिए दो चार होना पड़ता है। इस समय किसानों पेशोपेश में है कि उसकी फसल बिकेगी की नही क्योंकि अभी तक किसानों को टोकन नही मिला है। और फसल बेचने की समय सीमा 31 जनवरी तक है। समाजवादी पार्टी ने प्रदेश सरकार से मांग कि है कि वह धान खरीदी की समय सीमा को बढ़ाये और प्रदेश के सभी किसानों से धान खरीदे। नही तो समाजवादी पार्टी किसानों के हित के लिए सड़क में उतरकर आंदोलन करेंगी।


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