विकास नंद/सर्वव्यापी/
जिले में धान खरीदी कार्य को पारदर्शी, सुव्यवस्थित एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह लगातार उपार्जन केंद्रों का सघन दौरा कर रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने धान खरीदी केंद्र किशनपुर (पिथौरा) एवं सिंघनपुर (बसना) का औचक निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्रों पर शेष धान की मात्रा, दैनिक खरीदी लक्ष्य, धान उठाव की स्थिति तथा लंबित पंजीकृत किसानों की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी के लिए अब केवल पाँच दिन शेष हैं, ऐसे में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शेष दिनों में मिशन मोड में कार्य करते हुए जिन किसानों की अब तक खरीदी नहीं हो पाई है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से सूचना देकर निश्चित तिथि एवं समय स्लॉट तय किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त श्रमिक एवं हमाल की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला स्तरीय एवं सहकारी समिति के अधिकारी केंद्रों पर सतत निगरानी रखते हुए भौतिक सत्यापन अनिवार्य रूप से करें।उन्होंने कहा कि धान की गुणवत्ता से संबंधित आपत्तियों का मौके पर ही त्वरित निराकरण किया जाए तथा किसानों को अनावश्यक प्रतीक्षा न कराई जाए। धान खरीदी से संबंधित ऑनलाइन प्रविष्टि उसी दिन पूर्ण की जाए और किसी भी स्थिति में लंबित न रखी जाए। खरीदी समाप्त होते ही समापन रिपोर्ट, भौतिक सत्यापन एवं अभिलेखों का मिलान सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्तर पर कमीशन, अवैध वसूली या अनधिकृत रोक-टोक की शिकायत मिलने पर संबंधित के विरुद्ध सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने केंद्र पर उपस्थित किसानों से सीधे संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि अंतिम दिनों में यदि किसी किसान को कोई समस्या आती है तो उसकी तत्काल सुनवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी का समापन पूर्ण पारदर्शिता एवं अनुशासन के साथ किया जाए।उल्लेखनीय है कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन के निर्देशानुसार जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू रूप से जारी है। 21 जनवरी की स्थिति में महासमुंद जिले के 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 8 लाख 9 हजार 295 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। अब तक 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है, जिसके विरुद्ध 2 लाख 97 हजार 466 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है। जिले में अब तक 1 लाख 28 हजार 68 किसानों द्वारा धान का विक्रय किया जा चुका है, जो कुल पंजीकृत किसानों का लगभग 80 प्रतिशत है।