विकास नंद /सर्वव्यापी/

जिले में धान खरीदी कार्य में लापरवाही को लेकर कलेक्टर कार्यालय ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर (खाद्य शाखा) महासमुंद द्वारा धान उपार्जन केंद्रों का भौतिक सत्यापन नहीं करने के मामले में जिला स्तरीय नोडल अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।जारी नोटिस में उल्लेख है कि राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 की संपूर्ण धान खरीदी अवधि के दौरान छत्तीसगढ़ आवश्यक सेवा संधारण तथा विघटन निवारण अधिनियम 1979 (ESMA Act 1979) लागू किया गया है। इसके अंतर्गत धान खरीदी से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने दायित्वों का अनिवार्य रूप से पालन करना होता है।पत्र के अनुसार जिला स्तरीय नोडल अधिकारी को संबंधित धान उपार्जन केंद्रों के सुचारू संचालन एवं प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शनिवार एवं रविवार को भी भौतिक सत्यापन करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद दिनांक 17 जनवरी एवं 18 जनवरी 2026 को उपार्जन केंद्रों का भौतिक सत्यापन नहीं किया गया, जो शासन के स्पष्ट निर्देशों की अवहेलना मानी गई है।कलेक्टर ने इस कृत्य को शासकीय कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बताते हुए संबंधित अधिकारी से 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर ESMA Act 1979 के अंतर्गत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारी की स्वयं की होगी।प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संकेत मिला है कि धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।