तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय के वर्धा समाज कार्य संस्थान द्वारा समाज कार्य स्नातक एवं समाज कार्य स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों के लिए 19-20 जनवरी को द्विदिवसीय अभिविन्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज कार्य के क्षेत्र कार्य अभ्यास की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक समझ प्रदान करना था। कार्यक्रम के समापन सत्र की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. के. बालराजू ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज कार्य में क्षेत्र कार्य अभ्यास न केवल विद्यार्थियों की मौलिक क्षमताओं को विकसित करता है, बल्कि विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर के अवसरों के निर्माण में भी सहायक होता है। उन्होंने यह भी कहा कि क्षेत्र कार्य अभ्यास विद्यार्थियों को लर्नर से एक्सपर्ट बनाने की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है।
कार्यक्रम के समस्त सत्रों का प्रतिवेदन संस्थान के सहायक प्रोफेसर डॉ. शिवसिंह बघेल ने किया। सत्रों के दौरान क्षेत्र कार्य अभ्यास की सैद्धांतिक पृष्ठभूमि, व्यावहारिक पक्ष, तकनीकें, उपकरण, क्षेत्र कार्यकर्ता की भूमिका तथा पर्यवेक्षक की भूमिका पर गहन एवं सारगर्भित चर्चा की गई। सभी सत्रों में विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. शिव सिंह बघेल ने मार्गदर्शन प्रदान किया। अपने वक्तव्य में उन्होंने कहा कि समाज कार्य की आत्मा क्षेत्र कार्य अभ्यास में निहित है। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए। सत्रों का संचालन सहायक प्रोफेसर डॉ. गजानन निलामे ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. ज्योति कुमारी ने किया। इस अवसर पर सहायक प्रोफेसर डॉ. शिवाजी जोगदंड एवं डॉ. अंकित पाण्डेय सक्रिय रूप से उपस्थित रहे। सत्रों में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।