विकास नंद /सर्वव्यापी/
धान उपार्जन केन्द्र जगदीशपुर में गंभीर वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति जगदीशपुर के समिति प्रभारी कुशाग्र प्रधान द्वारा 650 पैकेट धान का गबन किए जाने के मामले में बसना थाना में 23 जनवरी 2026 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार गबन की गई धान की मात्रा 260 क्विंटल है, जिसकी समर्थन मूल्य राशि 6,15,940 रुपये तथा कृषक उन्नति योजना अंतर्गत 1,90,060 रुपये है। इस प्रकार कुल 8,06,000 रुपये (आठ लाख छह हजार) की राशि का गबन पाया गया है।यह कार्रवाई 21 जनवरी 2026 को उपार्जन केन्द्र जगदीशपुर में किए गए भौतिक सत्यापन के बाद की गई। यह सत्यापन एसडीएम पिथौरा बजरंग वर्मा द्वारा किया गया। जांच में सामने आया कि ऑनलाइन रिपोर्ट के अनुसार अब तक 58,556.40 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी, जिसमें से 44,430 क्विंटल का उठाव हो चुका है, जबकि 14,126.40 क्विंटल धान उपार्जन केन्द्र में स्टॉक में दर्शाया गया था।समिति प्रभारी द्वारा स्टॉक के अनुसार 22 स्टेक पर 35,316 पैकेट धान होना बताया गया, लेकिन भौतिक जांच में केवल 34,666 पैकेट धान ही पाया गया। इस प्रकार 650 पैकेट धान कम होना प्रमाणित हुआ।जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह कृत्य धान नीति 2025-26 के प्रावधानों के विरुद्ध है, जिससे संस्था एवं शासन को आर्थिक क्षति पहुंची है। मामले को जानबूझकर किया गया कृत्य मानते हुए समिति प्रभारी के विरुद्ध बीएनएस की धारा 316(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।