आत्मनिर्भर बनने से महिलाओं का होगा सशक्तिकरण…महिला सशक्तीकरण और परिवार में महिलाओं की भूमिका पर चर्चा आयोजित।

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वर्धा/बिलासपुर/तरुण कौशिक/संपादक सर्वव्यापी/

श्री संत ख़प्ती महाराज संस्थान, बागापुर तीर्थक्षेत्र, चांदूर (रेलवे) के तत्वावधान में महाशिवरात्रि यात्रा महोत्सव के अवसर पर महिला सशक्तिकरण और परिवार में महिलाओं की भूमिका विषय पर आयोजित परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. अनवर अहमद सिद्दीक़ी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण असल मायने में तब ही सार्थक होगा जब महिलाओं को आत्म-बोध हो, जिससे वह कि परिवार और समाज में अपनी वास्तविक स्व की पहचान स्थापित करते हुए बेहतर भूमिका का निर्वहन कर सके। इसके लिए सर्वप्रथम महिलाओं को आपसी मनमुटाव, ईर्ष्या, बुराई, घृणा और कलह आदि का परित्याग कर आपस में योग्य सामंजस्य स्थापित करना होगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं को इतिहास में पराक्रमी और स्वावलंबन का जीवन व्यतित करनेवाली महिलाओं के आदर्शों और संस्कारों के मार्ग पर चलना चाहिए। इस अवसर पर मंच पर हिंदी विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे, ज्योति वासनिक, डॉ. ललिता घोडे, प्रा. अनिता धुर्वे, ग्राम पंचायत सरपंच प्रियंका चौधरी व महल्ले गुरुजी मंचासीन थे। इस दौरान बी. एस. मिरगे ने कहा कि महिलाओं का अतीत गौरवशाली रहा है, जिसकी वजह से स्त्रियों ने कई क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण कार्य कर स्वयं को सिद्ध किया है। आज उन्हीं कदमों पर चलने से महिला सशक्त हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को सावित्रीबाई फुले, जीजाऊ, अहिल्याबाई होलकर जैसी कर्तृत्ववान, पराक्रमी और साहसी महिलाओं को आदर्श मानते हुए समाज में अपनी पहचान बनानी होगी। मंच पर उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी महिलाओं की आत्मोन्नति पर विचार रखें।समारोह का प्रास्ताविक नरेंद्र मोर ने किया। मंच संचालन प्राजक्ता वासनिक ने किया व डॉ. अर्जुन सिंह ठाकुर ने आभार माना।‌ समारोह में बड़ी संख्या में महिलाएं, विद्यार्थी, नागरिक व भक्तगण उपस्थित थे।


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