धान खरीदी का अंतिम चरण, महासमुंद में 9 लाख मीट्रिक टन से अधिक की ऐतिहासिक खरीदी…1 लाख 39 हजार से अधिक किसानों ने बेचा धान, अवैध परिवहन पर सख्त कार्रवाई।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत राज्य शासन की मंशानुसार महासमुंद जिले में धान खरीदी का कार्य अंतिम चरण में भी पूरी तरह सुचारू रूप से जारी है। समर्थन मूल्य पर धान खरीदी को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से कलेक्टर विनय कुमार लंगेह द्वारा लगातार उपार्जन केंद्रों का सघन निरीक्षण किया जा रहा है।कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान खरीदी शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता, अवैध परिवहन, भंडारण अथवा विक्रय को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जिले में 28 जनवरी की स्थिति में 182 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 9 लाख 822 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। इसके विरुद्ध अब तक 5 लाख 18 हजार 507 मीट्रिक टन धान का डी.ओ. जारी किया गया है, जबकि 333 मिलों के माध्यम से 2 लाख 97 हजार 457 मीट्रिक टन धान का उठाव पूर्ण हो चुका है।अब तक जिले के 1 लाख 39 हजार 525 किसानों द्वारा धान का विक्रय किया जा चुका है, जो कुल पंजीकृत किसानों का 89.95 प्रतिशत है।

अवैध धान परिवहन पर शिकंजा, 600 कट्टा धान व तीन वाहन जब्त।

कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में अवैध धान परिवहन के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में डिप्टी कलेक्टर शुभम देव के नेतृत्व में की गई दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 600 कट्टा धान एवं तीन वाहन जप्त किए गए।एक कार्रवाई में उड़ीसा से ट्रक के माध्यम से अवैध रूप से परिवहन किए जा रहे लगभग 500 कट्टा धान को पकड़ा गया। जब्त धान एवं वाहन को आगे की कार्रवाई हेतु कोमाखान थाना के सुपुर्द किया गया।वहीं दूसरी कार्रवाई में धान से भरी दो पिकअप वाहनों को अवैध परिवहन करते हुए पकड़ा गया, जिनमें लगभग 100 कट्टा धान भरा हुआ था। उक्त वाहनों एवं धान को नियमानुसार कार्रवाई हेतु मंडी समिति की टीम को सौंपा गया।


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