विकास नंद/सर्वव्यापी/

डिजिटल अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उपमुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से महासमुंद सहित प्रदेश के 8 जिलों में साइबर थाना का शुभारंभ किया।
यह साइबर थाना महासमुंद, बलौदाबाजार, कोरबा, रायगढ़, धमतरी, जांजगीर-चांपा, जशपुर और राजनांदगांव जिलों में प्रारंभ किया गया है। कार्यक्रम में मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज कुमार पिंगुआ, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, पुलिस महानिदेशक हाउसिंग बोर्ड पवन देव तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (गुप्तवार्ता) अमित कुमार उपस्थित रहे।महासमुंद साइबर थाना के उद्घाटन अवसर पर स्थानीय विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, कलेक्टर विनय लंगेह एवं पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार मौजूद रहे। इस दौरान अतिथियों ने कहा कि साइबर थाना की स्थापना से ऑनलाइन फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी कॉल एवं अन्य साइबर अपराधों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।अधिकारियों ने इसे आम जनता के लिए अत्यंत उपयोगी पहल बताते हुए कहा कि इससे डिजिटल युग में नागरिकों की सुरक्षा और विश्वास और अधिक मजबूत होगा। यह कदम ‘डिजिटल इंडिया’ के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, ऑनलाइन अपराध या संदिग्ध डिजिटल गतिविधि की सूचना तत्काल साइबर थाना या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें, ताकि समय रहते विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिभा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सारिका वैद्य, उप पुलिस अधीक्षक अजय शंकर त्रिपाठी, चुन्नू तिग्गा एवं महासमुंद के पहले साइबर थाना प्रभारी राजीव नाहर सहित साइबर थाना महासमुंद में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।