अरबों के वन घोटाले पर सत्ता बदल गई, सिस्टम नहीं बदला! विभाग में भ्रष्टाचार बेलगाम, सवालों के बाद भी मंत्री केदार कश्यप मौन…?

Share Now

तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/

छत्तीसगढ़ का वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग एक बार फिर अरबों रुपये के भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर सवालों के घेरे में है। कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से लेकर वर्तमान भाजपा सरकार तक, विभाग पर घोटालों की परछाईं लगातार बनी हुई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि सत्ता परिवर्तन के बावजूद न तो सिस्टम बदला और न ही दागी अफसरों पर कोई ठोस कार्रवाई हो पाई।विधानसभा में ग्रीन क्रेडिट प्लांटेशन योजना, कैम्पा मद, वृक्षारोपण, वनोपज प्रबंधन और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं को लेकर सवाल उठे, दस्तावेज सामने आए, फिर भी विभागीय मंत्री केदार कश्यप भ्रष्ट वन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ निर्णायक कदम उठाने में असफल नजर आ रहे हैं।सूत्रों के अनुसार, विभाग में कई ऐसे वन अधिकारी और कर्मचारी पदस्थ हैं जिन पर आय से अधिक संपत्ति, फर्जी कार्य, ठेकेदारों से सांठगांठ और योजनाओं में कागजी पौधारोपण जैसे गंभीर आरोप हैं। इसके बावजूद निलंबन, विभागीय जांच या ईओडब्ल्यू जैसी एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो रही।सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विवादित और दागी अधिकारियों को बार-बार महत्वपूर्ण प्रभार सौंपे जा रहे हैं, जिससे ईमानदार अधिकारियों और कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है। जानकारों का कहना है कि पूरा विभाग एक “संरक्षण तंत्र” के तहत काम कर रहा है, जहां आरोपों के बावजूद अफसर सुरक्षित बने हुए हैं।राजनीतिक गलियारों में यह सवाल अब जोर पकड़ रहा है किक्या मंत्री केदार कश्यप के हाथ बंधे हैं या फिर भ्रष्ट तंत्र के सामने राजनीतिक इच्छाशक्ति कमजोर पड़ रही है?जब विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो आम जनता का भरोसा शासन-प्रशासन से कैसे बनेगा?वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग जैसे संवेदनशील विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार न केवल सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और आदिवासी क्षेत्रों के विकास पर भी सीधा प्रहार कर रहा है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं किक्या सरकार सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रहेगी या फिर वास्तव में आय से अधिक संपत्ति और अरबों के घोटालों में लिप्त वन अफसरों पर सख्त कार्रवाई कर इतिहास रचेगी?या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!