विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक नगरी सिरपुर में 1 से 3 फरवरी 2026 तक आयोजित होने वाले तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। माघ पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित इस भव्य महोत्सव का शुभारंभ 1 फरवरी 2026 को उद्घाटन समारोह के साथ होगा, जिसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता पर्यटन एवं संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल करेंगे। कार्यक्रम में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री ओ.पी. चौधरी तथा सांसद रूप कुमारी चौधरी उपस्थित रहेंगे।विशिष्ट अतिथियों में महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, बसना विधायक संपत अग्रवाल, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सरायपाली विधायक चातुरी नन्द, जिला पंचायत अध्यक्ष मोंगरा पटेल, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम अध्यक्ष चन्द्रहास चन्द्राकर, जिला पंचायत उपाध्यक्ष भीखम सिंह ठाकुर, नगर पालिका अध्यक्ष महासमुंद निखिल कांत साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष दिशा दीवान, नगर पालिका परिषद बागबाहरा अध्यक्ष खिलेश्वरी बघेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बागबाहरा केशव नायकराम चंद्राकर, नगर पालिका परिषद सरायपाली अध्यक्ष सरस्वती चन्द्र पटेल (मीलू), जनपद पंचायत अध्यक्ष पिथौरा उषा धृतलहरे, नगर पंचायत अध्यक्ष बसना डॉ. खुशबू अभिषेक अग्रवाल, नगर पंचायत अध्यक्ष पिथौरा देवेश निषाद, जनपद पंचायत अध्यक्ष सरायपाली लक्ष्मी पटेल, जिला पंचायत सदस्य सृष्टि चंद्राकर, राज्य मुख्य आयुक्त भारत स्काउट एवं गाइड संघ इंद्रजीत सिंह खालसा (गोल्डी) सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक शामिल होंगे।
3 फरवरी को होगा समापन समारोह
महोत्सव का समापन समारोह 3 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल तथा अध्यक्षता सांसद रूप कुमारी चौधरी करेंगी। समापन समारोह में भी जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी।
व्यापक व्यवस्थाएं, आमजन से सहभागिता की अपील
तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव को लेकर जिला प्रशासन महासमुंद एवं सिरपुर साडा द्वारा सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता, पेयजल, चिकित्सा तथा आवागमन की व्यापक और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं की गई हैं। प्रशासन ने आम नागरिकों, श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महोत्सव का हिस्सा बनें।