विकास नंद/ सर्वव्यापी/
खरीफ विपणन वर्ष 2025–26 के अंतर्गत महासमुंद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं निगरानी का कार्य कलेक्टर विनय लंगेह के कुशल मार्गदर्शन में सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिले में संचालित 182 धान उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 10,00,187.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही।शासन द्वारा महासमुंद जिले के लिए 11,93,570 मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमानित लक्ष्य निर्धारित किया गया था। गत खरीफ विपणन वर्ष 2024–25 में जिले में 11,04,273.24 मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। इस प्रकार इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में 9.43 प्रतिशत कम धान खरीदी दर्ज की गई।धान खरीदी के लिए जिले में कुल 1,60,118 किसान पंजीकृत थे, जिनमें से 1,48,418 किसानों (92.69 प्रतिशत) ने अपनी उपज का विक्रय किया। यह प्रतिशत राज्य के औसत 91.22 प्रतिशत से अधिक रहा। वहीं धान विक्रय के पश्चात 1,09,676 किसानों द्वारा 9,883.24 हेक्टेयर रकबा समर्पित किया गया।कलेक्टर विनय लंगेह के निर्देशन में अवैध धान परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण हेतु राजस्व, खाद्य, मंडी एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम द्वारा लगातार निगरानी की गई। अंतर्राज्यीय सीमाओं पर 16 जांच चौकियां स्थापित की गईं तथा एसडीएम एवं तहसीलदार के नेतृत्व में संयुक्त दल गठित कर सख्त कार्रवाई की गई।इस सतत निगरानी और कठोर कार्रवाई के परिणामस्वरूप अवैध धान परिवहन एवं भंडारण के 399 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 1,69,862 क्विंटल धान जब्त किया गया। जबकि गत वर्ष केवल 184 प्रकरणों में 12,828.15 क्विंटल धान की जब्ती हुई थी। इस प्रभावी कार्रवाई के चलते महासमुंद जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा।शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप कलेक्टर विनय लंगेह के नेतृत्व में जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का संपूर्ण कार्य पारदर्शिता, अनुशासन और सुगमता के साथ संपन्न हुआ।