विकास नंद/सर्वव्यापी/
पिथौरा वनपरिक्षेत्र में पदस्थ उपवनक्षेत्रपाल सालिकराम डड़सेना के सेवानिवृत्त होने पर स्थानीय परिक्षेत्र कार्यालय परिसर में गरिमामय सम्मान-विदाई समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में अधिकारियों, कर्मचारियों एवं गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में उनके लगभग चार दशकों के उत्कृष्ट सेवाकाल को स्मरण किया गया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सालिकराम डड़सेना तथा विशिष्ट अतिथि उनकी धर्मपत्नी संतोषी डड़सेना रहीं। अध्यक्षता संयुक्त वनमंडलाधिकारी सरायपाली यू.आर. बसंत ने की। अतिविशिष्ट अतिथियों के रूप में न्यायिक मजिस्ट्रेट पिथौरा शौरभ बारा एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट बसना मंजीत जांगड़े उपस्थित रहे।विशिष्ट अतिथियों में सेवानिवृत्त सहायक वनसंरक्षक आर.पी. साहू, संयुक्त वनमंडलाधिकारी पिथौरा डिम्पी बैस, सेवानिवृत्त रेंजर बी.आर. खुंटे, विजय शंकर साहू, अभिराम साहू, तोषराम सिन्हा, पिथौरा रेंज के नवपदस्थ प्रभारी रेंजर सुखराम निराला एवं पिथौरा नगर की पार्षद रामकुंवर सिन्हा शामिल रहीं।समारोह में वक्ताओं ने सालिकराम डड़सेना के कार्यकाल में किए गए उल्लेखनीय कार्यों, उनके अनुशासित नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और सरल व्यक्तित्व की सराहना की। श्रृंखला साहित्य मंच से प्रवीण प्रवाह, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के ब्लॉक अध्यक्ष उमेश दीक्षित, सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर रमेश सिंह ठाकुर सहित अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए।सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर रतन सिंह डड़सेना ने जन्म से लेकर सेवानिवृत्ति तक के जीवन-वृत्त पर विस्तृत प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि के रूप में अपने उद्बोधन में सालिकराम डड़सेना भावुक हो उठे। उन्होंने बताया कि उन्होंने वर्ष 1983 में काष्ठागार पिथौरा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में सेवा प्रारंभ की, 1990 में वनरक्षक, 2012 में वनपाल तथा 2018 में उपवनक्षेत्रपाल के पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने बस्तर अंचल के चारामा, कांकेर, भानुप्रतापपुर, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व, बलौदाबाजार (बारनवापारा-चरौदा, देवपुर), महासमुंद एवं कसडोल में रेंजर के रूप में सेवाएं दीं।उन्होंने बताया कि प्रारंभ से ही उन्होंने भारतीय मजदूर संघ में सक्रिय भूमिका निभाई तथा नागदा, बैंगलोर, दिल्ली, भोपाल सहित विभिन्न अधिवेशनों में भाग लिया। संघ के माध्यम से सैकड़ों कर्मचारियों को नियमित कराने में उनका विशेष योगदान रहा। साथ ही छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ में महासमुंद जिला अध्यक्ष के रूप में लगातार 10 वर्षों तक सेवाएं दीं तथा रायपुर संभाग और प्रांतीय स्तर पर भी नेतृत्व किया। सामाजिक क्षेत्र में वे सिन्हा कलार समाज पिथौरा के मंडलेश्वर जिला अध्यक्ष एवं वर्तमान में प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य के रूप में सक्रिय रहे।सेवानिवृत्ति अवसर पर प्राप्त सम्मान को उन्होंने अपने सेवाकाल की अमूल्य निधि बताते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उनके सुखद, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए नई पारी के लिए शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम का संचालन शिक्षा जगत के संकुलन प्रभारी राजाराम पटेल ने किया तथा आभार प्रदर्शन डिप्टी रेंजर ननकुसिया साहू द्वारा किया गया। इस अवसर पर वनरक्षक प्रशिक्षण शाला के वनपाल मो. शफी को भी शाल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में महासमुंद के रेंजर सियाराम कर्मकार, डिप्टी रेंजर सतीश पटेल, ललित पटेल, राजकुमार साहू, वीरेंद्र पाठक, छबिराम साहू, सुषीला साहू सहित बड़ी संख्या में विभागीय एवं अन्य विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।