विकास नंद/सर्वव्यापी/

पूर्व शासनकाल के दौरान राजनीतिक, गैर-राजनीतिक, सामाजिक एवं कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों से जुड़े दुर्भावनापूर्ण मामलों की वापसी को लेकर गठित मंत्रिमंडल उपसमिति की बैठक आज मंत्रालय में सम्पन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने की।बैठक में उपमुख्यमंत्री अरुण साव, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, अपर मुख्य सचिव गृह मनोज पिंगवा, विधि सचिव सुषमा सावंत, पुलिस महानिरीक्षक (सीआईडी) ध्रुव गुप्ता तथा अतिरिक्त निदेशक अभियोजन के. एस. गावस्कर उपस्थित रहे।बैठक के दौरान राजनीतिक आंदोलनों के साथ-साथ गैर-राजनीतिक, सामाजिक एवं कर्मचारी संगठनों के आंदोलनों के दौरान दर्ज राजाज्ञा उल्लंघन, लोक सेवक के कार्य में बाधा तथा अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े प्रकरणों पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्रिमंडल उपसमिति ने ऐसे मामलों को मंत्रिपरिषद के विचारार्थ एवं स्वीकृति हेतु अनुशंसित करने का निर्णय लिया। साथ ही, पूर्व में अनुशंसित प्रकरणों की सतत निगरानी एवं शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अपर मुख्य सचिव गृह को दिए गए।बैठक के पश्चात उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध का सम्मान होना चाहिए। राजनीति मतभेद का विषय है, मनभेद का नहीं। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय राजनीतिक दुर्भावना के चलते अनेक मामलों में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ-साथ गैर-राजनीतिक, सामाजिक और कर्मचारी संगठनों के विरुद्ध भी प्रकरण दर्ज किए गए थे। ऐसे सभी द्वेषपूर्ण मामलों की विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत समीक्षा कर उन्हें वापस लिया जाएगा।उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्तमान सरकार लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। अनावश्यक एवं दुर्भावनापूर्ण मुकदमों से जनता को राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।