तरुण कौशिक/संपादक, सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के खिलाफ जनाक्रोश अब नियंत्रण से बाहर होता दिखाई दे रहा है। राज्य में पहली बार ऐसा नजारा सामने आया है, जब नवा रायपुर और रायगढ़ जिलों में आम जनता खुले मंच से सरकार, मंत्रियों, प्रशासनिक अफसरों और यहां तक कि कलेक्टरों को नामजद करते हुए अपशब्द और गाली-गलौज कर रही है। इन घटनाओं के वीडियो सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से वायरल हो रहे हैं, जिसने सत्ता और प्रशासन दोनों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।राज्य के विभिन्न कर्मचारी संगठनों का आक्रोश पहले से ही सड़कों पर है। लंबित मांगों, वेतन विसंगति, पदोन्नति और सेवा शर्तों को लेकर कर्मचारी लगातार सरकार को चेतावनी देते रहे, लेकिन सरकार और प्रशासन की अनदेखी ने हालात को विस्फोटक बना दिया। अब वही असंतोष आम जनता के गुस्से में तब्दील होता नजर आ रहा है।सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे घटनाक्रम पर मुख्यमंत्री के सलाहकार, मुख्यमंत्री के करीबी अफसर और संबंधित मंत्री पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। सत्ता के शीर्ष पर बैठे लोगों की चुप्पी यह संकेत दे रही है कि सरकार या तो हालात की गंभीरता समझने में नाकाम है या फिर जानबूझकर जनता के गुस्से को नजरअंदाज कर रही है।राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यह केवल कुछ वीडियो या क्षणिक आक्रोश नहीं, बल्कि सरकार के प्रति बढ़ते अविश्वास का सार्वजनिक विस्फोट है। जिस छत्तीसगढ़ में पहले प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ ऐसी भाषा खुले मंच से सुनाई नहीं देती थी, वहां अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं।विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथोंहाथ लेते हुए भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। विपक्षी नेताओं का आरोप है कि सरकार की संवेदनहीनता और अहंकार ने जनता को इस स्तर तक पहुंचा दिया है कि वे अब किसी मर्यादा की परवाह नहीं कर रहे।प्रशासनिक स्तर पर भी खतरे की घंटी बज चुकी है। यदि जनता का भरोसा इसी तरह टूटता रहा, तो कानून-व्यवस्था और शासन-प्रशासन की साख पर गहरा असर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संवाद और ठोस निर्णय के बिना हालात और बिगड़ सकते हैं।अब बड़ा सवाल यही है कि क्या भाजपा सरकार इस खुले जनविद्रोह को गंभीरता से लेगी?क्या मंत्रियों और अफसरों की चुप्पी टूटेगी? या फिर छत्तीसगढ़ में सत्ता और जनता के बीच की खाई और गहरी होती जाएगी? राज्य की राजनीति इस वक्त उबाल पर है और आने वाले दिन सरकार के लिए बड़ी परीक्षा साबित होने वाले हैं।