तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी/
रायपुर साहित्य उत्सव पुरखौती मुक्तांगन के तीन में साहित्यकारों के शब्दों से रायपुर गुंज रहा था । इन दिनो ऐसा वातावरण था कि साहित्य में रुचि रखने वालों को खुला मंच मिलना सौभाग्य का पल था । इसमें लोक कला साहित्य कवि और उपन्यासकारों के पुस्तक मेला में खास छाप छोड़ रहा था अलग अलग मंडप और पुस्तकों का प्रदर्शन, पुरखा के सुरता और प्रसिध्द कवियों के पुस्तक देखते बन रही थी । जय कौशिक ने अपने सफर पुस्तक को इस मंच तक पहुंचाने की कोशिश की और छत्तीसगढ के प्रख्यात कवि मीर अली मीर ,आशीष सिंघानिया साईनाथ फाउंडेशन के संस्थापक साहित्यकार समाजसेवी ,जनसंपर्क छत्तीसगढ़ के मुख्य अधिकारी रवि मित्तल जी आईएएस अधिकारी और उमेश मिश्रा आईएएस अधिकारी ने सफर पुस्तक का विमोचन कर इसे सराहा और जय कौशिक को बधाई दी । मीर अली मीर जिनकी रचना नंदा जाही का रे,नंदा जाही का पुरे छत्तीसगढ़ में अलग पहचान बना चुकी है उसने सफर सफलता की राह की एक प्रति अपने पास रखी इस अवसर पर जय कौशिक सहित आरव शुक्ला , मोर्यन कौशिक,दीपमाला कौशिक,हर्षिता कौशिक एवं रायपुर साहित्य उत्सव की टीम उपस्थित रहे ।