बुढ़ासागर भ्रष्टाचार पर कार्रवाई की मांग: पूर्व पार्षद हेमंत ने एसडीएम से मांगी धरने की अनुमति।

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तरुण कौशिक/संपादक, सर्वव्यापी/

करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से हुए बुढ़ासागर (रानीसागर) सौंदर्यीकरण कार्य में कथित भ्रष्टाचार के बावजूद दोषियों पर अब तक एफआईआर दर्ज नहीं होने को लेकर शहर में असंतोष गहराता जा रहा है। इसी कड़ी में राजनांदगांव शहर की जन-जन की आवाज और पूर्व पार्षद हेमंत ओस्तवाल ने अनुविभागीय अधिकारी (शहर) राजनांदगांव को पत्र सौंपकर 09 फरवरी 2026 को धरना प्रदर्शन की अनुमति मांगी है।हेमंत ओस्तवाल ने पत्र में उल्लेख किया है कि 09 फरवरी 2026 को नगर निगम की सामान्य सभा आयोजित होने जा रही है, जिसमें शहर के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने हैं। इसी दिन पुराने टाउन हॉल परिसर, जहां सामान्य सभा आयोजित होती है, उसके बाहर प्रातः 12 बजे से 01:30 बजे तक गांधी टोपी पहनकर एकल धरने की अनुमति मांगी गई है। धरने का उद्देश्य “सोए हुए जवाबदारों को जगाना” बताया गया है।पत्र में बताया गया कि दिनांक 25 अगस्त 2022 को नगर निगम सामान्य सभा में विषय क्रमांक 17 के अंतर्गत रानीसागर-बुढ़ासागर सौंदर्यीकरण कार्य में शासन के नियमों के विरुद्ध कार्य किए जाने का मामला सामने आया था। इस मामले में सामान्य सभा में दोनों दलों के जनप्रतिनिधियों द्वारा सर्वसम्मति से एफआईआर दर्ज कराने और दोषियों पर कार्रवाई का प्रस्ताव पारित किया गया था, लेकिन आज तक न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही किसी प्रकार की ठोस कार्रवाई सार्वजनिक रूप से सामने आई।हेमंत ओस्तवाल ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारियों और ठेकेदारों को बचाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है, जो कि शासनहित और जनहित के विपरीत है। उन्होंने सवाल उठाया कि भाजपा की सत्ता होने के बावजूद इतने गंभीर भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई न होना, वर्तमान महापौर एवं पूर्व महापौर हेमा देशमुख को भी संदेह के दायरे में खड़ा करता है।उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी प्रकार का संरक्षण नहीं है, तो बुढ़ासागर प्रकरण में दोषियों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही यह भी गंभीर प्रश्न है कि 09 फरवरी को होने वाली सामान्य सभा में इस बड़े भ्रष्टाचार के मुद्दे को चर्चा और कार्रवाई के लिए एजेंडे में शामिल नहीं किया जाना, संबंधित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।पूर्व पार्षद ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि धरना पूर्णतः शांतिपूर्ण होगा, लेकिन जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के नेता, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और जागरूक नागरिक अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं। ऐसे में उन्होंने धरने के दौरान प्रशासन से संपूर्ण कानूनी एवं सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।अब देखना होगा कि जिला प्रशासन धरने की अनुमति देता है या नहीं, और क्या बुढ़ासागर भ्रष्टाचार प्रकरण में वर्षों से लंबित कार्रवाई पर कोई ठोस कदम उठाया जाता है, या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।


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