तरुण कौशिक/ संपादक ,सर्वव्यापी/

मरवाही वन परिक्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। परिक्षेत्र अंतर्गत राकेश पंकज एवं हरिहर उइके नामक वन रक्षकों पर संगठित रूप से अवैध लकड़ी कटाई, अंतर्राज्यीय तस्करी और शासकीय वाहन से रात्री वसूली कराने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण में कुछ उच्च अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है।प्राप्त लिखित शिकायत के अनुसार, मरवाही वन परिक्षेत्र के अंतर्गत कटरा, उषाढ़, बेलीहरिया ग्रामों की वन भूमि में सागौन और साल जैसे कीमती वृक्षों की रात के अंधेरे में अवैध कटाई की जा रही है। कटे हुए वृक्षों को छत्तीसगढ़ से बाहर मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश भेजकर तस्करों के माध्यम से करोड़ों रुपये का अवैध कारोबार संचालित किए जाने का आरोप है।शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि मरवाही वन परिक्षेत्र के शासकीय वाहन का उपयोग रात्री वसूली के लिए किया जा रहा है। आरोप है कि बाहरी राज्यों से आने-जाने वाले व्यावसायिक वाहनों से अवैध रूप से वसूली की जाती है, जिसमें परिक्षेत्र मरवाही के चालक तेजसिंह रजक के मोबाइल फोन नंबर पर लाखों रुपये की राशि ट्रांसफर कराई गई। वहीं नगद राशि सीधे राकेश पंकज द्वारा लिए जाने की बात कही गई है।सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि मरवाही वन परिक्षेत्र अंतर्गत संबंधित बीट में प्रमाणित अपराध पाए जाने के बावजूद कार्रवाई के बजाय अधीनस्थ कर्मचारियों पर उच्च अधिकारियों द्वारा दबाव बनाया जा रहा है और मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उन्हें चुप कराया जा रहा है।इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ताओं ने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है किसंरक्षण प्रदान करने वाले अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाएआरोपित वन रक्षकों को जांच पूर्ण होने तक मरवाही परिक्षेत्र से अन्यत्र स्थानांतरित किया जाएअवैध कटाई, तस्करी और वसूली प्रकरण में कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएअब देखना यह होगा कि वन विभाग के शीर्ष अधिकारी इस गंभीर आरोपों वाले मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं, या फिर यह प्रकरण भी फाइलों में दबकर रह जाएगा। मरवाही के जंगल और वहां की जैव विविधता इस समय जवाबदेही की मांग कर रही है। वहीं इस संबंध में वन मंडलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने सर्वव्यापी से चर्चा कर कहा कि इस मामले पर एसडीओ को जांच करने का आदेश दिए गए हैं, जांच प्रतिवेदन के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।