केंदूढार में ‘विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन’ पर जन-जागरण सम्मेलन सम्पन्न…जी-राम-जी अधिनियम 2025 से ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन को मिलेगी नई दिशा।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

भारतीय जनता पार्टी मंडल सरायपाली द्वारा ग्राम केंदूढार में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (जी-राम-जी अधिनियम 2025) को लेकर जन-जागरण अभियान के अंतर्गत एक विशेष सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं एवं ग्रामीणों को केंद्र सरकार की इस नई रोजगार गारंटी योजना की विस्तृत जानकारी देना रहा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता, पं. दीनदयाल उपाध्याय, श्यामा प्रसाद मुखर्जी एवं अटल बिहारी वाजपेई के तेलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर भारत माता की जय और वंदे मातरम् के उद्घोष के साथ किया गया।जन-जागरण सम्मेलन में जिला उपाध्यक्ष विपिन उबोवेजा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सरला कोसरिया मुख्य अतिथि रहीं।

इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में जिला कोषाध्यक्ष राहुल चंद्राकर, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष पिलेश्वर पटेल, जिला महामंत्री माधव साव, जिला मीडिया प्रभारी आनंद साहू, जिला पंचायत सभापति एवं कार्यक्रम संयोजक रवि फिरोदिया, रूपेश साहू, ग्राम पंचायत केंदूढार की सरपंच पूर्णिमा रोहित साहू, अल्पसंख्यक मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष स्वर्ण सिंह सलूजा, मंडल प्रभारी विद्या चौधरी, जिला मंत्री सीता सतपथी, जिला पंचायत सभापति कुमारी भास्कर, मंडल अध्यक्ष गुंजन अग्रवाल, महिला मोर्चा जिला उपाध्यक्ष पुष्पलता चौहान, जिला महामंत्री तारेश्वरी नायक, वर्षा साहू, कंचन अग्रवाल, अजजा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार सागर, किसान मोर्चा जिला उपाध्यक्ष मनोज दास, अनुसूचित सिख मोर्चा अध्यक्ष रणजीत सिंह सलूजा, भाजयुमो जिला महामंत्री प्रखर अग्रवाल, मंडल महामंत्री विदित धनानिया, कोषाध्यक्ष तरुण बारीक, किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष रोहित साहू सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, मातृशक्ति एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मंडल महामंत्री विदित धनानिया ने किया।मुख्य वक्ता विपिन उबोवेजा ने कहा कि जी-राम-जी अधिनियम 2025 ग्रामीण विकास, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में एक सशक्त पहल है। यह मनरेगा का उन्नत स्वरूप है, जिसमें 100 दिनों के बजाय अब 125 दिनों की रोजगार गारंटी दी जाएगी। मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर सुनिश्चित होगा और विलंब होने पर अतिरिक्त राशि भी प्रदान की जाएगी। इससे मजदूरों को न्याय मिलेगा और भुगतान में देरी की समस्या समाप्त होगी।मुख्य अतिथि सरला कोसरिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जी-राम-जी अधिनियम का लागू होना ऐतिहासिक कदम है। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण और पारदर्शिता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगी। नई तकनीकों के माध्यम से फर्जी मास्टर रोल, धांधली और मशीनों के दुरुपयोग जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।उन्होंने बताया कि इस अधिनियम के अंतर्गत जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा सुरक्षा और आजीविका संवर्धन जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष फोकस किया जाएगा। जल संरक्षण, सिंचाई संरचनाओं का विकास, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं कौशल विकास को बढ़ावा देकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार के अवसर सृजित किए जाएंगे।किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष पिलेश्वर पटेल ने बताया कि योजना के तहत पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति, जियो-टैगिंग और लाइव डैशबोर्ड जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। योजनाओं का निर्माण अब ग्राम स्तर पर स्थानीय जरूरतों के अनुसार किया जाएगा।अजजा मोर्चा जिला अध्यक्ष प्रमोद कुमार सागर ने कहा कि खेती-किसानी को सुरक्षित रखने के लिए बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य रोकने का प्रावधान किया गया है, जिससे किसानों को पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रहेंगे और कृषि कार्य प्रभावित नहीं होंगे। इससे ग्रामीण पलायन पर भी रोक लगेगी।कार्यक्रम के अंत में किसान मोर्चा मंडल अध्यक्ष रोहित साहू ने आभार व्यक्त किया।


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