गौरेला-पेंड्रा-मरवाही/ नूर मोहम्मद/ब्यूरो चीफ, सर्वव्यापी

बिलासपुर संभाग अंतर्गत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वनमंडल के मरवाही वन परिक्षेत्र में सामने आए इमारती लकड़ी तस्करी प्रकरण ने अब गंभीर प्रशासनिक रूप ले लिया है। तस्करी में वन अधिकारियों और कर्मचारियों की कथित संलिप्तता के ठोस तथ्यों और सोशल मीडिया पर वायरल प्रमाणों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से वनमंडलाधिकारी मरवाही ग्रीष्मी चांद की भूमिका पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।वहीं इस संबंध में डीएफओ ग्रीष्मी चांद से चर्चा करने पर उनका कहना है कि उन्होंने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि कथित जांच आदेश पत्र अब तक मीडिया को उपलब्ध नहीं कराया गया है। वहीं, विभागीय सूत्रों का स्पष्ट कहना है कि इस पूरे मामले में न तो कोई जांच आदेश जारी किया गया है और न ही डीएफओ ग्रीष्मी चांद द्वारा अब तक कोई विभागीय कार्रवाई की गई है। इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि जांच की बात केवल औपचारिक बयान तक ही सीमित है।गौरतलब है कि मामला 23 जनवरी की रात लगभग 2 बजे का बताया जा रहा है, जब मरवाही परिक्षेत्र में इमारती लकड़ी को वाहन में लोड किया जा रहा था। इस प्रकरण में परिक्षेत्र अधिकारी मुकेश साहू, परिक्षेत्र सहायक शिवशंकर तिवारी, वनरक्षक राकेश पंकज और शासकीय वाहन चालक तेज सिंह रजक के नाम सीधे तौर पर सामने आए हैं। आरोप है कि उसी रात रात्रि 2 बजे चालक तेज सिंह रजक के खाते में फोन-पे के माध्यम से ₹1.70 लाख का ऑनलाइन भुगतान किया गया, जिसका स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है।इसके बावजूद डीएफओ मरवाही द्वारा यह बयान देना कि यह “पुराना मामला” है या “पर्सनल लेन-देन” का विषय है, विभागीय जिम्मेदारी से बचने का प्रयास माना जा रहा है। पर्यावरण प्रेमियों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इतनी बड़ी तस्करी के मामले में वनमंडलाधिकारी की चुप्पी और ढुलमुल रवैया सीधे-सीधे पद के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।अब यह मामला केवल वन विभाग तक सीमित नहीं रहा। इस पूरे प्रकरण की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, सचिव एस. बसव राजू एवं मुख्य सचिव विकास शील से की गई है। शिकायत में डीएफओ मरवाही सहित तस्करी में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।विभागीय सूत्रों के अनुसार, इस शिकायत से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और तथ्य सामने आए हैं, जिनका विस्तारपूर्वक खुलासा आगामी अंकों में प्रकाशित किया जाएगा। मरवाही क्षेत्र में लगातार हो रही अवैध कटाई और लकड़ी तस्करी को देखते हुए अब यह देखना अहम होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले में कब और कैसी कार्रवाई करता है।