तरुण कौशिक, संपादक, सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के राजनीति मं कुछ व्यक्तित्व अइसने रहिथें, जेन सिरिफ पद के कारण नइ, बल्कि अपन जीवन यात्रा अऊ आचरण के कारण पहिचाने जाथें। विष्णुदेव साय अइसनेच एक व्यक्तित्व आय। आज जब प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी अपन जनमदिन मना रहे हें, त ये अवसर केवल औपचारिक बधाई तक सीमित नइ हे, बल्कि ये छत्तीसगढ़ के राजनीति अऊ शासन के दिशा ऊपर गंभीर संपादकीय मनन के मौका घलो आय।जशपुर जिला के बगिया गाँव ले शुरू होय ये सफर, आज मुख्यमंत्री निवास तक पहुंचे हे। पंच, सरपंच, विधायक, सांसद, केंद्रीय मंत्री अऊ अब मुख्यमंत्री—ये सब पद सत्ता के सीढ़ी जरूर आय, फेर साय जी के असली पहचान इन पदनाम ले ज्यादा, उनकी सादगी अऊ जमीनी जुड़ाव मं बसे हे। राजनीति के इस दौर मं, जिहां चमक-दमक, प्रचार अऊ भाषण हावी रहिथे, उहां एक सौम्य अऊ कम बोलके काम करे वाला नेता अपन आप मं एक अलग संदेश देथे।कृषक परिवार मं जन्मे साय जी के जीवन संघर्ष छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अऊ आदिवासी समाज के असली कहानी कहिथे। उच्चतर माध्यमिक शिक्षा के बाद खेती-किसानी मं लग जाना, परिवार के जिम्मेदारी निभाना अऊ गांव के सुख-दुख मं सहभागी बनना—ये अनुभव उन्हें जनता के नजदीक ले आथे। शायद यही कारण आय कि आज घलो उन्हें “दिल्ली के नेता” से ज्यादा “गाँव के आदमी” के रूप मं देखा जाथे।प्रदेश के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप मं विष्णुदेव साय के जिम्मेदारी ऐतिहासिक आय। आदिवासी समाज, जे छत्तीसगढ़ के आत्मा आय, आज तक नीति अऊ सत्ता के केंद्र ले कई बार हाशिये मं रहिस। जंगल-जमीन-जंगल के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार अऊ पलायन—ये मुद्दा अब केवल भाषण तक सीमित नइ रह सकंय। जनता ये उम्मीद करथे कि अब नीति बनही त जमीन के सच्चाई देखके बनही, अऊ योजना लागू होही त आखिरी पंक्ति के आदमी तक पहुँचे के व्यवस्था बने।साय जी के पास संगठन अऊ सत्ता—दूनों के लंबा अनुभव हे। चार-चार लोकसभा चुनाव जीतना अऊ केंद्रीय मंत्री के रूप मं काम करना, उनके प्रशासनिक समझ के परिचायक आय। अब चुनौती ये हे कि इस अनुभव ला प्रदेश हित मं सही ढंग ले इस्तेमाल करे जाय। विकास अऊ संवेदनशीलता, सख्ती अऊ संवाद—इन सब मं संतुलन बनाना ही सफल शासन के कसौटी रहिथे।आज के छत्तीसगढ़ के सामने कई गंभीर सवाल खड़े हें—ग्रामीण अर्थव्यवस्था के मजबूती, युवाओं के रोजगार, आदिवासी अंचल मं बुनियादी सुविधा, शिक्षा अऊ स्वास्थ्य व्यवस्था, अऊ पर्यावरण-संरक्षण के संग विकास। मुख्यमंत्री के रूप मं साय जी के नेतृत्व मं जनता ये आस करथे कि फैसले कागज मं नइ, जमीन मं दिखंय; अऊ शासन आम आदमी के भरोसा बने।जनमदिन के ये अवसर मं छत्तीसगढ़ केवल बधाई नइ देथे, बल्कि अपेक्षा घलो रखथे। अपेक्षा कि ये कार्यकाल राजनीति के शोर से ज्यादा काम के पहचान बने, अऊ सत्ता के अहंकार से दूर रहके सेवा के उदाहरण पेश करे।छत्तीसगढ़ के धरती पुत्र मुख्यमंत्री ला जनमदिन के हार्दिक बधाई,अऊ छत्तीसगढ़ ला एक स्थिर, संवेदनशील अऊ न्यायपूर्ण शासन के शुभकामना।