तरुण कौशिक, संपादक, सर्वव्यापी
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा महाराष्ट्र की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि विकसित भारत में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। युवाओं को अपनी शक्ति और सामर्थ्य का इस्तेमाल देश हित में करना चाहिए। राष्ट्रहित, मनुष्यहित के लिए कल्याणकारी कदम उठाने चाहिए, ताकि युवाओं की ऊर्जा से देश-समाज ऊर्जावान बना रहे। यह विचार उन्होंने मेरा युवा भारत, वर्धा, युवा कार्यक्रम और खेल मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा आयोजित अंतर जिला युवा आदान-प्रदान कार्यक्रम के समापन कार्यक्रम में व्यक्त किए। 16 से 20 फरवरी के दौरान आयोजित कार्यक्रम का समापन शुक्रवार, 20 फरवरी को विश्वविद्यालय के माधवराव सप्रे सभागार में किया गया। उन्होंने कहा कि गांधी और विनोबा ने त्याग और तपस्या से युवाओं के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत किया। उनका आदर्श एवं सिद्धांत युवाओं को अपनाना चाहिए। स्वामी विवेकानंद और युवा के संबंध में उन्होंने कहा कि स्वस्थ्य संवाद के माध्यम से युवाओं को संवाद की संस्कृति अपनानी चाहिए। पूरे देश का युवाओं के सामर्थ्य और शक्ति पर भरोसा है। इसी कारण 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में उनकी बड़ी भूमिका है। कार्यक्रम में मेरा युवा भारत, वर्धा के उपनिदेशक शिवधन शर्मा ने बताया कि यह कार्यक्रम पुणे और वर्धा के बीच एक कड़ी के रूप में आयोजित हुआ। जिसमें पुणे जिले से 38 युवाओं ने वर्धा आकर ऐतिहासिक धरोहर, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन, पर्यावरण आदि का अध्ययन किया। समापन कार्यक्रम के बाद शिवधन शर्मा, विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी बी.एस. मिरगे और सतीश इंगोले के द्वारा युवाओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गये। प्रतीक और वैष्णवी ने पांच दिवसीय कार्यक्रम को लेकर अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का प्रारंभ महात्मा गांधी के फोटो पर सूतमाला अर्पित कर किया गया। कुलपति प्रो. शर्मा का स्वागत शिवधन शर्मा ने सूतमाला व स्मृतिचिन्ह से किया। कार्यक्रम का संचालन श्रावणी ने किया तथा सानिया ने आभार माना। इस अवसर पर प्रो. फरहद मलिक, प्रो. कृपाशंकर चौबे, डॉ. रेणु सिंह, डॉ. निशीथ राय, डॉ. वीरेंद्र यादव, डॉ. गीता साहु, आनंद भारती सहित मेरा युवा भारत, वर्धा कार्यालय के दयाराम रामटेके, शुभम ताकसांडे, सागर गजभिये, दीक्षांत टेंभरे, नितेश बेसेकर और पुणे जिले से आदान-प्रदान कार्यक्रम में शामिल युवा उपस्थित थे।