संपादक की कलम से…छत्तीसगढ़िया मन समझदार…

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बिलासपुर/तरुण कौशिक/ संपादक सर्वव्यापी /

छत्तीसगढ़ राज्य ले बने 25 बछर होके हवै फेर हमर छत्तीसगढ़ राज्य म छत्तीसगढ़िया मन के राज नई बल्कि परदेसिया मन के राज चलत हे । छत्तीसगढ़ के मुखिया विष्णु देव साय ल अपन छत्तीसगढ़िया भाई,बहिनी, जवान लईका मन ल लेके अब्बड़ पीरा हवै,ऐखर ले कोनों मना नई कर सकते फेर आज छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़िया मन के जवान मन अपन पांव म खुद कुल्हाड़ी मारे म लगे हवै ,काबर के एमन ल सरकारी नौकरी चाही भले ही सरकारी नौकरी पाए के बाद खुद छत्तीसगढ़िया मन ल अऊ सरकार ल गाली देहे म पाछू नई हट ही । आज हकीकत म हम छत्तीसगढ़िया मन के कमजोरी के फायदा ल परदेसिया मन उठआवत हवै अऊ हमन अपनेच परदेस म आजो ले अपन पहिचान बर सोंच बिचार करत हन ।

आज राजनीतिक दल मन नई बल्कि हम सबो पढ़े लिखे लोगन मन सरकार ल कोसत रहिथन के हमर सरकार ह सरकारी नौकरी नई देवत हवै तव हमन बेरोजगार हन,फेर ऐखर उल्टा हमर परदेस म परदेसिया मन आके बाजार, रद्दा के तीर म फल,फूल, चाय – नास्ता के कारोबार करके हर रोज हजार – दू हजार रुपिया कमावत हवै अऊ ईही परदेसिया मन साल भर म जेन रद्दा म छोटे ठेला लगाके कारोबार करत रहिथे ओमन बड़े दुकान किराया म लेके बड़े कारोबार करे लगथे। आज हमर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायपुर,रायगढ़,कोरबा जिला ,सहर म परदेसिया मन ईही तरह से आघू बढ़त हे, काबर के ओमन ल अपन परिवार के चिंता हवै,जेखर कारण ओमन रोड़ किनारे बड़े सान से फल, फूल, चाय-नाश्ता के दुकानदारी करथे अऊ अपन मेहनत ले आघू बढ़े जाथे,ईही कामबूता ल हमर छत्तीसगढ़िया मन ल करे म सरम आथे, जवान पढ़े – लिखे लईका सोचथे के ओमन अपने राज्य,सहर म आईसन कामबूता करही तव का इज्जत रही जाही ? ईही सोच के कारण आज हमन अपनेच सहर, राज्य म परदेसिया मन के सामने लेन देन करे ल पड़त हे, अऊ हमन सरकारी नौकरी के भरोसा म खुद के भविष्य ल बरबाद करत हन। आज सरकारी नौकरी वाले ले जादा सड़क किनारे ठेला म फल, फूल, चाय-नाश्ता के कारोबारी मन रुपिया कमावत हवै अऊ अपन घर -परिवार ल सुख शांति से रखत हवै। अऊ ईही कारोबार के दम म परदेसिया मन हमर खेती-बाड़ी, घर- दूआरी ल खरीदे लगिस अऊ हमन आज सरकारी नौकरी के आस म आघू बढ़े के बजाय सरम के मारे पाछू होत जावत हन! आज हमर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, रायपुर जिला,सहर म मुख्य बाजार म कोनों छत्तीसगढ़िया के कोनो तरह के दुकानदारी नई मिलत हे, मिठाई से लेकर कपड़ा दुकान तक घलोक ह परदेसिया मन के आए अऊ हमन सरकार ल कोसत रहिथन के हमर छत्तीसगढ़ म राजनीतिक अऊ सरकार के संरक्षण म छत्तीसगढ़ म परदेसिया मन के राज चलत हे, जबकि सिरतोन गोठबात ईही आए के हम छत्तीसगढ़िया मन के खुद लापरवाही अऊ कमजोरी के कारण परदेसिया मन अपन परदेस ले खाली हाथ आके ईहा अपन परिवार ल बसावट हे अऊ सड़क म ठेला लगाके आज करोड़ों के संपत्ति बनावत हवै,ओखर बाद राजनीतिक दल म सामिल होके चुनाव लड़त हे,जेन ह सबों छत्तीसगढ़िया मन के कमजोरी के कारण आए। ए कमजोरी ल छत्तीसगढ़िया मन ल सुधारे ल पड़ही अऊ लाज -सरम छोड़के सड़क किनारे ले ही छोटे कारोबार सुरु करके बड़े कारोबार करे के परयास करे ले छत्तीसगढ़िया मन ल सफलता मिल ही ,न के सरकारी नौकरी के भरोसा म खुद के भविष्य ल बरबाद करे ले सुघ्घर हवै के अपन परिवार ल सुख शांति से रखे बर चोरी, लूट-खसोट करे ले बने हवै के सड़क किनारे छोटे से दुकान दारी के सुरुआत करे जाए अऊ परदेसिया मन ल ए कारोबार ले दूर करके ओमन ल ओखर परदेस भगाए के कामबूता करव, ताकि छत्तीसगढ़ म दूसर परदेस के तरह हमर छत्तीसगढ़ म छत्तीसगढ़िया मन के राज चले,आघू छत्तीसगढ़िया मन समझदार हवै,काबर के छत्तीसगढ़िया मन सबले बढ़िया होथे…!


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