तरुण कौशिक, संपादक, सर्वव्यापी
महान समाज सुधारक और मानवता के पुजारी राष्ट्र संत गाडगे बाबा की 150वीं जयंती के अवसर पर नगर पालिका बोदरी के वार्ड क्रमांक 7 में स्थापित उनकी प्रतिमा पर नगर के सर्व समाज के पदाधिकारियों एवं नागरिकों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर आरती उतारी और नमन किया। कार्यक्रम सादगी, श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ।इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने संत गाडगे जी के समाज के दबे-कुचले वर्गों के उत्थान हेतु किए गए महान कार्यों को स्मरण किया। अनुराग विद्या मंदिर चकरभाठा के अध्यक्ष कृष्ण कुमार कौशिक ने कहा कि संत गाडगे महाराज का जीवन स्वच्छता, मानव सेवा और सामाजिक समरसता का प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि उनके बताए मार्ग पर चलकर स्वच्छ एवं समरस समाज का निर्माण करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।समाजसेवी शिव कुमार चेचाम ने अपने उद्बोधन में कहा कि संत गाडगे जी ने छुआछूत जैसी कुरीतियों के उन्मूलन और मानवता की सेवा को ही सबसे बड़ा धर्म बताया। उन्होंने समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त करने के लिए आजीवन संघर्ष किया।कार्यक्रम में कृष्ण कुमार कौशिक, शिव कुमार चेचाम, भुनेश्वर कौशिक, योगेश कुमार कौशिक, विशनाथ यादव, विनोद कुमार वर्मा, भानु दिवाकर, विनोद कुमार कौशिक, राम कुमार रजक, ईश्वर कौशिक, राजेश कुमार यादव, प्रकाश कौशिक, अनुराग कौशिक, विक्रम ध्रुव, अवि दिवाकर सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं नागरिक उपस्थित रहे।