तरुण कौशिक, संपादक ,सर्वव्यापी
उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जन चेतना भारत पार्टी ने University Grants Commission (UGC) द्वारा प्रस्तावित शिक्षा सुधारों का खुलकर समर्थन किया है। इस आशय का स्पष्ट संदेश पार्टी ने 27 फरवरी 2026 को आंबेडकर चौक में आयोजित समर्थन कार्यक्रम के माध्यम से दिया।पार्टी का मानना है कि देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए समयानुकूल सुधार आवश्यक हैं। विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों में समान अवसर, सामाजिक समरसता, शैक्षणिक गुणवत्ता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में उठाए गए हर सकारात्मक कदम का स्वागत किया जाना चाहिए। जन चेतना भारत पार्टी ने कहा कि शिक्षा को भेदभाव-मुक्त और सभी के लिए सुलभ बनाना आज की सबसे बड़ी जरूरत है।UGC सुधारों के समर्थन में आयोजित इस कार्यक्रम में अलिम अंसारी, रवि यादव, हसन अली, खगेश केवट, मनोज जांगड़े, संत सोंडरे, गेसन सेन, मुकेश जांगड़े, मनोज कुशवाहा, प्रकाश कैटर्स, नसीम, आगर दास एवं प्रकाश माली सहित अनेक कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सर्वसम्मति से यह संकल्प लिया गया कि शिक्षा सुधारों के विरुद्ध फैलाए जा रहे भ्रम और राजनीतिक दुष्प्रचार का लोकतांत्रिक और तथ्यपरक तरीके से जवाब दिया जाएगा तथा व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सरदार जसबीर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ समूह जानबूझकर इन सुधारों को गलत रूप में प्रस्तुत कर छात्रों और अभिभावकों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीति करना राष्ट्रहित के विरुद्ध है और इससे देश के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।जन चेतना भारत पार्टी ने दो टूक शब्दों में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिक्षा में पारदर्शिता अनिवार्य है, किसी भी प्रकार के भेदभाव को सख्ती से रोका जाना चाहिए, छात्रों के भविष्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और शिक्षा सुधारों को विरोध नहीं बल्कि तथ्य और संवाद के आधार पर देखा जाना चाहिए।अंत में पार्टी ने देश के विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से अपील की कि वे शिक्षा सुधारों का समर्थन करें और सकारात्मक परिवर्तन में सहभागी बनें। पार्टी का संदेश स्पष्ट है “मजबूत शिक्षा ही सशक्त भारत की नींव है।”