अमृतमयी वाणी से भक्तिमय हुआ सरायपाली, कान्हा महाराज की कथा और सदन तिवारी महाराज के आशीर्वचन से गूंजा क्षेत्र।

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विकास नंद/ सर्वव्यापी/

झिलमिला स्थित श्री जगन्नाथ पेट्रोल पंप परिसर में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य एवं भव्य आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। 24 फरवरी से 02 मार्च 2026 तक चले इस सात दिवसीय आध्यात्मिक महोत्सव ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण में सराबोर कर दिया। कथा स्थल पर प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करते रहे।कथा वाचक कान्हा महाराज ने अपनी मधुर, ओजपूर्ण एवं भावविभोर कर देने वाली वाणी से श्रद्धालुओं के हृदय को स्पर्श किया। उन्होंने श्रीमद् भागवत के विविध प्रसंगों को सरल, सहज और सरस शैली में प्रस्तुत किया। भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएँ, भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति, ध्रुव चरित्र तथा गोपियों के प्रेम प्रसंगों का सजीव वर्णन सुनकर श्रोता भक्ति रस में डूब गए। कथा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गूंजता रहा।कान्हा महाराज ने अपने प्रवचनों में कथा को जीवन से जोड़ते हुए वर्तमान समाज की चुनौतियों, पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों की आवश्यकता और युवा पीढ़ी को धर्म से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उनकी सरल भाषा, प्रेरक उदाहरण और आध्यात्मिक ऊर्जा ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस पावन अवसर पर सदन तिवारी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन की शोभा और बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा केवल श्रवण का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का संदेश देती है। उन्होंने समाज में नैतिकता, प्रेम, सद्भाव और सेवा भावना को बढ़ाने का आह्वान करते हुए सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। उनके आशीर्वचनों से श्रद्धालु स्वयं को धन्य अनुभव करते दिखे।समापन दिवस पर भव्य आरती, पुष्पवर्षा एवं प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। संपूर्ण आयोजन के दौरान भजन-कीर्तन, संकीर्तन और आध्यात्मिक संगीत ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बनाए रखा।आयोजन समिति के प्रमुख पूर्णानंद मिश्र ने कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार जताया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, समर्पण और श्रद्धा से यह सात दिवसीय धार्मिक महोत्सव सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकता और आध्यात्मिक जागरण का भी संदेश देकर गया। श्रीमद् भागवत कथा के इस दिव्य आयोजन ने सरायपाली क्षेत्र में धर्म, भक्ति और संस्कारों की नई अलख जगा दी।


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