विकास नंद/ सर्वव्यापी/
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष को महतारी गौरव को समर्पित करते हुए सरायपाली विकासखंड की महिलाएं आज सशक्त नेतृत्व, समर्पण और संघर्ष की मिसाल बनकर उभरी हैं। महासमुंद लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत सरायपाली विधानसभा से लेकर नगर, जनपद और जिला पंचायत तक यहाँ की महिलाओं ने शीर्ष पदों पर पहुँचकर न केवल क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है, बल्कि समाज की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं।

महासमुंद लोकसभा क्षेत्र से सरायपाली विधानसभा की निवासी रूपकुमारी चौधरी देश की संसद में प्रथम महिला सांसद के रूप में अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज करा रही हैं। उनका यह सफर सरायपाली ही नहीं, पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है और वे आज अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी हैं।
इसी कड़ी में सरायपाली विधानसभा की प्रथम महिला विधायक चातुरी नंद का नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है। एक साधारण परिवार से निकलकर शिक्षिका के रूप में सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा और आज विधायक के रूप में क्षेत्र के विकास को नई दिशा दे रही हैं। उनका नेतृत्व यह दर्शाता है कि प्रतिबद्धता और परिश्रम से महिलाएं हर क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे सकती हैं।

भाजपा की सक्रिय और समर्पित नेत्री सरला कोसरिया वर्तमान में राज्य महिला आयोग की सदस्य हैं। चुनावी पराजय के बाद भी पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा और महिला हितों के लिए निरंतर कार्य करने की भावना को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। वे आज महिला अधिकारों की मजबूत आवाज बनकर उभर रही हैं।

सरायपाली के ग्राम हुड़ारखार के किसान परिवार से जुड़ी मोंगरा किशन पटेल साधारण गृहिणी से महासमुंद जिला पंचायत अध्यक्ष के पद तक पहुँची हैं। वे ग्रामीण विकास के साथ-साथ महिलाओं को नेतृत्व के लिए आगे आने की प्रेरणा दे रही हैं।

नगर स्तर पर सरस्वती चंद्र कुमार पटेल दूसरी बार सरायपाली नगर पालिका अध्यक्ष चुनी गई हैं। एक सामान्य घरेलू महिला से नगर की प्रथम नागरिक बनने तक का उनका सफर महिला सशक्तिकरण का जीवंत उदाहरण माना जा रहा है।

इसी तरह ग्राम बोंदा निवासी पहली बार जनपद सदस्य चुनी गईं लक्ष्मी हरिश्चंद्र पटेल आज सरायपाली जनपद पंचायत की अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी निभा रही हैं। उन्होंने साबित किया है कि महिलाएं घर-परिवार की जिम्मेदारियों के साथ-साथ विकास की धुरी भी बन सकती हैं।

वहीं साधारण किसान परिवार से आने वाली कुमारी भास्कर पूर्व में जनपद पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं और वर्तमान में जिला पंचायत सभापति के रूप में क्षेत्र के विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। उनका नेतृत्व ग्रामीण महिलाओं के आत्मविश्वास को नई ऊँचाइयाँ दे रहा है।सरायपाली विकासखंड से निकलकर इन महिलाओं ने महासमुंद जिले को राज्य और देश के पटल पर गौरवान्वित किया है।

रजत जयंती वर्ष में उनका यह योगदान महतारी गौरव की सच्ची तस्वीर प्रस्तुत करता है—जहाँ महिलाएं नेतृत्व कर रही हैं, समाज को नई दिशा दे रही हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन रही हैं।