तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने महिलाओं को अपनी सेहत के प्रति अधिक सजग रहने की अपील की है। Apollo Sugar Clinics, बिलासपुर की सीनियर डाइटिशियन तन्नू परवीन ने सर्वव्यापी से चर्चा कर कहा कि वर्तमान समय में टाइप-2 डायबिटीज़ तेजी से बढ़ने वाला जीवनशैली संबंधी रोग बन चुका है और इसका प्रभाव महिलाओं में भी लगातार देखने को मिल रहा है।तन्नू परवीन के अनुसार आज की व्यस्त दिनचर्या, असंतुलित आहार, शारीरिक निष्क्रियता और हार्मोनल परिवर्तन के कारण महिलाओं में इंसुलिन रेजिस्टेंस का खतरा बढ़ जाता है, जिससे रक्त में ग्लूकोज़ का स्तर असंतुलित हो सकता है। उन्होंने बताया कि कई वैज्ञानिक शोध यह दर्शाते हैं कि कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थ, उच्च फाइबर युक्त आहार, साबुत अनाज, दालें, ताजी सब्जियां और नियमित शारीरिक गतिविधि रक्त शर्करा को नियंत्रित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने महिलाओं से अपील करते हुए कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, संतुलित पोषण, वजन नियंत्रण और नियमित व्यायाम अपनाकर डायबिटीज़ के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।तन्नू परवीन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होने का भी अवसर है। महिलाओं को अपनी सेहत को प्राथमिकता देते हुए सही पोषण और सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेना चाहिए, क्योंकि एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज की मजबूत आधारशिला होती है।