विकास नंद/ सर्वव्यापी/
राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत मेडिकल कॉलेज अस्पताल महासमुंद में कुष्ठ रोग से उत्पन्न शारीरिक विकृतियों के उपचार के लिए विशेष कुष्ठ विकृति सुधार शल्यक्रिया शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से चिन्हित मरीजों का विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा परीक्षण कर उनका निःशुल्क ऑपरेशन किया गया।भारत सरकार के प्रिंसिपल कंसल्टेंट डॉ. के.एम. कांबले (आर.एल.टी.आर.आई., रायपुर) ने बताया कि कुष्ठ रोग से प्रभावित मरीजों में हाथ-पैर की विकृति, पंजों का मुड़ना (क्लॉ हैंड), आंखों का पूरी तरह बंद न होना (लैगोफ्थाल्मोस) तथा फुट ड्रॉप जैसी समस्याओं के उपचार के लिए यह विशेष शल्यक्रिया शिविर आयोजित किया गया। शिविर में चिन्हित मरीजों में से 10 मरीजों का विशेषज्ञ सर्जनों की टीम द्वारा सफल ऑपरेशन किया गया।उन्होंने बताया कि ऑपरेशन के बाद मरीजों को पुनर्वास सहायता के रूप में कुल 12 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि डायरेक्ट बेनिफिशियरी ट्रांसफर के माध्यम से तीन किस्तों में दी जाएगी। इसमें पहली किस्त 8 हजार रुपये, दूसरी किस्त 2 हजार रुपये और तीसरी किस्त 2 हजार रुपये की राशि शामिल है। यह सहायता मरीजों की ऑपरेशन के बाद देखभाल और पुनर्वास में सहयोग के लिए प्रदान की जाती है।स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कुष्ठ रोगियों की सक्रिय पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति में कुष्ठ रोग के लक्षण दिखाई दें तो वे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। समय पर इलाज से कुष्ठ रोग पूरी तरह ठीक हो सकता है और इसका उपचार शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध है।