नशे और सड़क हादसों पर प्रशासन सख्त, स्कूलों के आसपास गुटखा दुकानों पर लगेगा प्रतिबंध**स्कूलों के 100 मीटर दायरे में तंबाकू बिक्री पर रोक, कलेक्टर के सख्त निर्देश।

Share Now

तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले में नशा नियंत्रण और सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए व्यापक रणनीति तैयार की है। इसी कड़ी में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कोटपा एक्ट, एनकार्ड एवं सड़क सुरक्षा समिति की संयुक्त बैठक लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। बैठक में एसएसपी रजनेश सिंह सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने बैठक में स्पष्ट किया कि स्कूल और कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की गुटखा, पान एवं तंबाकू उत्पादों की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगी। उन्होंने निर्देश दिए कि ऐसे दुकानों की पहचान कर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही स्कूल प्रबंधन को भी निगरानी की जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रमाण पत्र लेने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि नशा केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि एक सामाजिक चुनौती है, जिससे निपटने के लिए समाज के सभी वर्गों की सहभागिता आवश्यक है। एसएसपी रजनेश सिंह ने शिक्षा विभाग को निर्देशित किया कि 100 मीटर के दायरे में संचालित पान-गुटखा दुकानों का सर्वे कर सूची तैयार की जाए, ताकि लक्षित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि नशा कारोबारियों की गतिविधियाँ अक्सर स्कूल-कॉलेजों के आसपास केंद्रित रहती हैं, इसलिए पुलिस द्वारा इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। जागरूकता के साथ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई भी जारी रहेगी। सड़क सुरक्षा पर चर्चा के दौरान कलेक्टर ने कोटा क्षेत्र में बढ़ती दुर्घटनाओं पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अव्यवस्थित एवं मानकों के विपरीत बनाए गए स्पीड ब्रेकर दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। प्रत्येक बड़ी दुर्घटना का विश्लेषण कर उसके आधार पर सुधारात्मक कदम उठाने तथा नई सड़कों में ब्लैक स्पॉट नहीं बनने देने के निर्देश दिए गए। एसएसपी ने बताया कि चालू तिमाही में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर में चिंताजनक वृद्धि हुई है। इस वर्ष अब तक 71 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 33 था। उन्होंने नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निलंबन के बाद निगरानी रखने और पुनः उल्लंघन पर लाइसेंस निरस्त करने की बात कही। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में 5 ब्लैक स्पॉट और 1 ग्रे स्पॉट चिन्हित किए गए हैं। इनके सुधार के लिए लोक निर्माण विभाग को आवश्यक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार की सुविधा उपलब्ध है। आयुष्मान कार्ड से जुड़े अस्पतालों में पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक निःशुल्क इलाज मिल सकता है।


Share Now

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page

error: Content is protected !!