विकास नंद/सर्वव्यापी/
ग्राम केना में आयोजित पंचदिवसीय राधाकृष्ण मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में वंदेमातरम् सेवा संस्थान छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष जन्मजय नायक ने बतौर संचालक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।महोत्सव के दौरान जन्मजय नायक ने अपने उद्बोधन में कहा कि राधाकृष्ण मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा दिव्य प्रेम, सर्वोच्च भक्ति और आत्मा-परमात्मा के मिलन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा एक वैदिक अनुष्ठान है, जिसके माध्यम से मूर्ति में दैवीय ऊर्जा का संचार कर उसे जीवंत देव स्वरूप प्रदान किया जाता है।उन्होंने आगे कहा कि राधा-कृष्ण प्रेम का सर्वोच्च स्वरूप हैं, जो निस्वार्थ भक्ति, समर्पण और सद्भाव का संदेश देते हैं। यह महोत्सव राधा (आत्मा) और कृष्ण (परमात्मा) के दिव्य मिलन का प्रतीक बनकर भक्तों को आध्यात्मिक चेतना की ओर प्रेरित करता है।
जन्मजय नायक ने ग्रामवासियों को बधाई देते हुए कहा कि केना के लोगों के लिए यह ऐतिहासिक और शुभ क्षण है, जिसका वे वर्षों से इंतजार कर रहे थे। अब गांव में राधाकृष्ण के रूप में प्रेम और भक्ति का पवित्र संगम स्थापित हो गया है।
इस अवसर पर राकेश चौधरी, बाबूलाल पटेल, शिव प्रधान, मनोज पटेल, सुशील नायक, डॉ. सुरेश पटेल सहित मंदिर समिति के सदस्य, सरपंच, पंचगण, ग्रामीणजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।