खाकी का खौफ खत्म या अपराधियों का नया हथकंडा?दिनदहाड़े पुलिसकर्मी बनकर पहुंचे बदमाश, बंदूक की नोक पर व्यापारी का अपहरण; 25 दिन पहले सर्राफा व्यापारी की हत्या से दहला था जीपीएम… देखें विडियो।

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नूर मोहम्मद,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ में शनिवार को दिनदहाड़े दो अज्ञात बदमाश कथित पुलिसकर्मी बनकर एक व्यवसायी के घर पहुंचे और पिस्तौल की नोक पर उसका अपहरण कर फरार हो गए। पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, जिसने ग्रामीणों और व्यापारियों में भय का माहौल पैदा कर दिया है।यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब लगभग 25 दिन पहले ही क्षेत्र में एक सर्राफा व्यापारी की हत्या की सनसनीखेज वारदात हुई थी। लगातार हो रही गंभीर घटनाओं ने जिले की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। घर में घुसे, खुद को पुलिसकर्मी बताया और उठा ले गए व्यापारीप्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम उषाढ़ निवासी गिरीश यादव किराना, छड़-सीमेंट तथा आटा चक्की का व्यवसाय संचालित करते हैं। शनिवार सुबह लगभग 11 बजे वे अपने घर के गलियारे में विश्राम कर रहे थे, जबकि उनका पुत्र पंकज यादव दुकान संभाल रहा था। इसी दौरान नीले रंग की एक कार में सवार दो व्यक्ति दुकान पहुंचे। उन्होंने पहले सिगरेट और पानी खरीदा तथा फिर गिरीश यादव के बारे में पूछताछ की।जैसे ही पंकज अपने पिता को बुलाने भीतर गया, दोनों व्यक्ति जबरन घर में घुस गए। उन्होंने गिरीश यादव को उठाकर स्टील रंग की पिस्तौल दिखाई और स्वयं को पुलिसकर्मी बताते हुए अपने साथ चलने को कहा। विरोध करने पर गोली मारने की धमकीपरिजनों के अनुसार बदमाशों ने गिरीश यादव को पैर में गोली मारने की धमकी दी और जबरन कार में बैठाकर बरौर बस्ती की दिशा में ले गए। परिवार के लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन आरोपी तेजी से वाहन लेकर फरार हो गए। पंकज यादव ने वाहन के नंबर का आंशिक हिस्सा “OD 8552” देखा होने की जानकारी दी है।सीसीटीवी फुटेज बना सबसे बड़ा सुरागघटना का पूरा घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हुआ है। फुटेज में दो संदिग्ध व्यक्तियों द्वारा व्यापारी को जबरन वाहन तक ले जाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और उनकी तलाश में जुटी हुई है।घटना की जानकारी मिलने पर व्यापारी की पत्नी के मुंहबोले भाई मनीष जायसवाल ने बरौर क्षेत्र में संदिग्ध कार को रोकने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपी वाहन लेकर मरवाही दिशा की ओर भाग निकले। पहले अपहरण, फिर पता चला नकली पुलिसकर्मी थे व्यापारी की पत्नी दुर्गा यादव ने मरवाही थाने में शिकायत दर्ज कराई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि व्यापारी को ले जाने वाले व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने अपहरण, धमकी और आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस की कई टीमें सक्रिय एडिशनल एसपी अविनाश मिश्रा ने बताया कि मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 140(3), 3(5), 333, 351(3) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस कीअलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।बड़ा सवाल यह है कि आखिर अपराधियों में इतना दुस्साहस क्यों?जिस जिले में अपराधी खुलेआम खाकी का भेष धारण कर दिनदहाड़े एक व्यापारी को घर से उठा ले जाएं, वहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंताएं स्वाभाविक हैं। व्यापारी संगठनों और आम नागरिकों के बीच चर्चा का विषय यह है कि आखिर अपराधियों में इतना दुस्साहस कैसे आया कि उन्होंने पुलिस की पहचान का ही इस्तेमाल कर वारदात को अंजाम दिया।अब पूरा जिला पुलिस की कार्रवाई और अपहृत व्यापारी की सुरक्षित बरामदगी का इंतजार कर रहा है।


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