विकास नंद/ सर्वव्यापी
जिले में जनगणना-2027 की तैयारियां निर्धारित कार्यक्रम के तहत तेज़ी से जारी हैं। इसी क्रम में गुरुवार 16 अप्रैल से स्व-गणना की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नागरिक अब एसई वेब पोर्टल http://se.census.gov.in� के माध्यम से स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने स्वयं पोर्टल पर अपना स्व-गणना प्रपत्र भरकर इस पहल की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा नागरिकों की सुविधा के लिए यह सरल और सुरक्षित व्यवस्था शुरू की गई है, जिसमें घर का मुखिया ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है। एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही स्व-गणना फॉर्म भरा जा सकेगा। यह सुविधा प्रतिदिन सुबह 6 बजे से रात 12 बजे तक उपलब्ध रहेगी।स्व-गणना पूर्ण करने पर एक यूनिक आईडी प्राप्त होगी, जिसे बाद में घर आने वाले प्रगणक को दिखाना आवश्यक होगा। यदि कोई व्यक्ति स्वयं फॉर्म नहीं भर पाता है, तो 1 मई से 30 मई के बीच प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित और गोपनीय है।
जनगणना की तैयारियों के तहत 15 अप्रैल से प्रगणकों एवं सुपरवाइजर्स का तीन दिवसीय प्रशिक्षण भी शुरू हो चुका है, जो तीन चरणों में पूरा किया जाएगा।कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे जनगणना के दौरान सही और सटीक जानकारी दें। दी गई जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी और इसे किसी भी प्रकार के साक्ष्य के रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनगणना के आंकड़े शासन की योजनाओं, संसाधनों के वितरण और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के लिए महत्वपूर्ण आधार बनते हैं।जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी।
पहले चरण में 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (एचएलओ) का कार्य किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक “Census 2027-HLO” मोबाइल एप के माध्यम से डिजिटल डाटा संग्रह करेंगे और स्व-गणना के तहत भरी गई जानकारी का सत्यापन भी करेंगे।प्राप्त डाटा की बहुस्तरीय जांच की जाएगी, जिसमें पर्यवेक्षक और चार्ज अधिकारी फील्ड में जाकर सत्यापन कर त्रुटियों का निराकरण करेंगे। साथ ही प्रशिक्षण में ग्राम व नगर रजिस्टर, चार्ज रजिस्टर, प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के कार्य और उनके कानूनी अधिकारों की भी विस्तृत जानकारी दी जा रही है।