तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल में सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। हालांकि प्रारंभिक जानकारी में निलंबन की बात सामने आई थी, लेकिन स्पष्ट किया गया है कि दोनों कर्मचारियों को निलंबित नहीं किया गया, बल्कि उन्हें उनके मूल पद पर मुख्यालय में संलग्न किया गया है।जानकारी के मुताबिक 17 अप्रैल 2026 को एक वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया था, जिसमें मंडल के कार्यों में देरी और अनियमितता के आरोप लगाए गए थे। मामले को गंभीरता से लेते हुए 18 अप्रैल को जांच शुरू की गई।जांच के दौरान बिलासपुर क्षेत्र के एक आवास प्रकरण में गंभीर खामियां सामने आईं। दस्तावेजों से स्पष्ट हुआ कि आवश्यक कार्रवाई समय पर नहीं की गई और फाइलों को लंबित रखा गया। नोटिस जारी होने के बावजूद संबंधित पक्ष को समय पर सूचना नहीं दी गई, जिससे मामला अनावश्यक रूप से अटका रहा।
प्राथमिक जांच में यह भी सामने आया कि फाइल को जानबूझकर दबाकर रखा गया और नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गई। इसे प्रशासनिक लापरवाही मानते हुए मंडल ने सख्त कदम उठाया।इसी के तहत प्रभारी संपदा अधिकारी एल.पी. बंजारे और वरिष्ठ सहायक पूनम बंजारे को तत्काल प्रभाव से उनके मूल पद पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल मुख्यालय, नवा रायपुर में संलग्न किया गया है।इस कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
मंडल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कार्य में लापरवाही और शिकायतों को नजरअंदाज करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।