विकास नंद/ सर्वव्यापी

जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य की प्रगति का जायजा लेने कलेक्टर विनय कुमार लंगेह आज गुरुकुल कोसरंगी पहुंचे। उन्होंने यहां स्थित पुस्तकालय में संरक्षित दुर्लभ पांडुलिपियों का सूक्ष्म अवलोकन किया। पुस्तकालय में भोजपत्र, ताड़पत्र एवं बांस पर सुरक्षित लगभग 44 प्रकार की पांडुलिपियां (करीब 3000 पृष्ठ) संरक्षित हैं, जिनमें रामायण के समस्त कांड, चारों वेद तथा आयुर्वेद से संबंधित महत्वपूर्ण ग्रंथ शामिल हैं। ये ग्रंथ क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हैं।निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संस्था के आचार्यों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान देश की अमूल्य सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह अभियान हमारी प्राचीन लिपियों और ज्ञान को सुरक्षित रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे “ज्ञान भारतम” ऐप डाउनलोड कर इस अभियान से जुड़ें और सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि 100 वर्ष या उससे अधिक पुरानी पांडुलिपियों की जानकारी ऐप के माध्यम से साझा की जा सकती है। पांडुलिपियों को जमा करने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनका फोटो लेकर अपलोड करना ही पर्याप्त है।जिला संयोजक एवं डीएमसी रेखराज शर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया मोबाइल के माध्यम से बेहद सरल है। इसमें मिशन सेटअप, सर्वेक्षण प्रारंभ, विवरण दर्ज करना तथा सबमिशन एवं ट्रैकिंग जैसे चार चरण शामिल हैं। उपयोगकर्ता मोबाइल नंबर या ईमेल से लॉगिन कर सकते हैं। सटीक लोकेशन के लिए ऐप को लोकेशन एक्सेस देना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि भाषा का चयन उपयोगकर्ता अपनी सुविधा अनुसार कर सकते हैं, हालांकि विवरण अंग्रेजी में दर्ज करना अनिवार्य है।इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे, बीआरसीसी जागेश्वर सिन्हा, गुरुकुल के प्राचार्य आचार्य मुकेश कुमार सहित अन्य शिक्षक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।