कलेक्टर कार्यालय विवाद पर प्रशासन का स्पष्टीकरण, आवेदन फेंकने की बात निराधार।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

मुंगेली जिले में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को कुछ व्यक्तियों द्वारा, जो स्वयं को जोहार पार्टी के कार्यकर्ता बता रहे थे, जनगणना पोर्टल में छत्तीसगढ़ी भाषा को शामिल किए जाने संबंधी आवेदन प्रस्तुत करने हेतु कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।इस दौरान कलेक्टर वेटिंग एरिया में उनके द्वारा कार्यालयीन स्टाफ के साथ अमर्यादित एवं अनुचित व्यवहार किया गया और बाहर कलेक्टोरेट परिसर में अनर्गल नारेबाजी की गई,जो शासकीय कार्यप्रणाली एवं कार्यालयीन मर्यादा के विरुद्ध है।कलेक्टर द्वारा प्रस्तुत आवेदन को ध्यानपूर्वक पढ़ने एवं नियमानुसार विचार करने की बात स्पष्ट रूप से कही गई थी।आवेदन को अस्वीकार करने अथवा फेंकने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। कलेक्टर ने नारेबाजी की घटना को संज्ञान में लिया गया। एस डी एम अजय शतरंज, डिप्टी कलेक्टर मायानंद चंद्रा, तहसीलदार शेखर पटेल और एसडीओपी हरविंदर सिंह द्वारा संबंधित से बात की गई ज्ञापन स्वीकार किया गया और आवश्यक समझाइश देकर वापस भेजा गया। उक्त घटना की की सूचना थाना कोतवाली को भी दी गई है।कक्ष के बाहर जाकर कुछ व्यक्तियों द्वारा भ्रामक एवं असत्य जानकारी प्रसारित की गई, जिससे अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। घटना के संबंध में कुछ सोशल मीडिया एवं अन्य मीडिया में प्रसारित जानकारी को निराधार बताते हुए प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इनका वास्तविक तथ्यों से कोई संबंध नहीं है।

जिला प्रशासन सभी नागरिकों एवं संगठनों के सुझावों एवं आवेदनों का सम्मान करता है तथा उन्हें नियमानुसार विचारार्थ स्वीकार करता है। साथ ही, सभी से अपेक्षा की जाती है कि वे शासकीय कार्यों के दौरान मर्यादित एवं सहयोगात्मक व्यवहार बनाए रखें तथा अपुष्ट एवं भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचें।


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