तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
राजधानी रायपुर मार्ग पर स्थित, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समीप बसे सांसद आदर्श ग्राम पंचायत छतौना को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। तखतपुर विधानसभा और जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाली इस पंचायत को आदर्श ग्राम बनाने की घोषणा केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू द्वारा की गई थी।पंचायत की सरपंच राधिका राकेश कौशिक, कलेक्टर संजय अग्रवाल, और विधायक धर्मजीत सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि इस क्षेत्र का लगातार दौरा भी कर रहे हैं। इसके बावजूद पंचायत के वार्ड क्रमांक 09 अंतर्गत ऊर्जा विहार कॉलोनी की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है।स्थानीय लोगों के अनुसार, इस कॉलोनी का निर्माण भाजपा के एक वरिष्ठ नेता द्वारा प्लॉटिंग कर किया गया था, जहां लोगों को मूलभूत सुविधाओं का भरोसा दिलाकर प्लॉट बेचे गए। लेकिन पूरी कॉलोनी बिकने के बाद विकास के वादे अधूरे ही रह गए। आज स्थिति यह है कि यहां न तो सीसी रोड है, न नाली व्यवस्था, और न ही बरसात के पानी की निकासी की कोई ठोस व्यवस्था है।बरसात के मौसम में कॉलोनी जलभराव की समस्या से जूझती है, वहीं पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी लोगों के लिए संकट बनी हुई है। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार सरपंच, विधायक, सांसद और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याएं बताई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब पंचायत की सरपंच से लेकर विधायक और सांसद तक सभी भाजपा से जुड़े हुए हैं, और खुद राज्य व केंद्र में भाजपा की सरकार है, तो फिर एक छोटी सी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाएं क्यों नहीं पहुंच पाई हैं।स्थानीय नागरिकों में अब आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि “आदर्श ग्राम” का तमगा केवल कागजों में ही सीमित है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास कार्य नदारद हैं।अब देखना यह होगा कि लगातार उठ रही शिकायतों और जनाक्रोश के बीच जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और प्रशासन कब तक इस समस्या का समाधान कर पाते हैं, या फिर आदर्श ग्राम का सपना यूं ही अधूरा रह जाएगा।