तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 05, जोन कमिश्नर कार्यालय क्रमांक 02 के अंतर्गत आने वाला तिफरा स्थित गोकने नाला इन दिनों बदहाल स्थिति का शिकार बना हुआ है। नगर निगम मुख्यालय से महज तीन किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस नाले की स्थिति देखकर साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार अधिकारी इस ओर पूरी तरह से बेपरवाह हैं।नाले की नियमित सफाई नहीं होने के कारण यह पूरी तरह जलकुंभी से पटा हुआ है, जिससे पानी का बहाव बाधित हो रहा है और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या लगातार बनी रहती है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद निगम प्रशासन ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।स्थिति यहीं तक सीमित नहीं है। गोकने नाले पर अवैध कब्जों का खेल भी खुलेआम जारी है, जिससे नाले का स्वरूप दिन-ब-दिन संकरा होता जा रहा है। इसके साथ ही नाले के दोनों ओर बनाए जा रहे सर्विस रोड के निर्माण कार्य में भी भारी भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। एक ओर जहां घटिया निर्माण की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर आज तक सीसी रोड का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।हैरानी की बात यह है कि इतनी गंभीर समस्या होने के बावजूद नगर निगम कमिश्नर प्रकाश सर्वे और कलेक्टर संजय अग्रवाल के पास इस मुद्दे पर ध्यान देने का समय नहीं है। स्थानीय लोगों में प्रशासन की इस उदासीनता को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब जागता है और गोकने नाला को उसकी बदहाल स्थिति से बाहर निकालने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, या फिर यह नाला यूं ही उपेक्षा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ता रहेगा।