तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
विगत एक दशक से छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल करवाने और वर्तमान में जनगणना के कॉलम में छत्तीसगढ़ी भाखा शामिल करवाने के लिए प्रदेश भर में जिला कलेक्टर को जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ज्ञापन दिया जा रहा है , इसी कड़ी में पार्टी के बिलासपुर जिला अध्यक्ष ठा.शैलु छत्तीसगढ़िया ने बताया कि वक्ता के संख्या के आधार छत्तीसगढ़ी भारत का 15वा सबसे बड़ी भाषा है लेकिन अभी तक आठवीं अनुसूची में शामिल नई हो सका है। साथ ही उन्होंने कहा कि हमारी का मातृ संगठन छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना द्वारा विगत कई वर्षों से छत्तीसगढ़िया समाज को मातृभाषा के कॉलम में छत्तीसगढ़ी लिखवाने के लिए जागरूक कर रहे है लेकिन दुर्भाग्य से अभी तक छत्तीसगढ़ी का चयन जनगणना के पहले चरण में नई आया है।उन्होंने आगे बताया कि हमारी मातृभाषा छत्तीसगढ़ी को 28/11/2007 से राज्य विधानसभा द्वारा इस राज्य का छत्तीसगढ़ी राजभाषा घोषित किया गया है, ईस दिन छत्तीसगढ़ी राजभाषा दिवस हर वर्ष मनाया जाता है यह भाषा पूरे राज्य को जोड़ने का कार्य करता है , राज्य के 65 प्रतिशत आबादी छत्तीसगढ़ी बोलते है लेकिन अभी तक उस भाषा में पढ़ाई लिखाई, कामकाज शुरू नई हो सका है जबकि छत्तीसगढ़ को छोड़कर अन्य सभी राज्य की मातृभाषाओं में वहां कामकाज, पढ़ाई लिखाई हो रहा है , और मातृभाषा मे पढ़ाई लिखाई करने वाले बच्चे आगे चक्कर इंग्लिश जैसे वैश्विक भाषा में बेहतर प्रदर्शन कर रहे है क्योंकि घर के भाषा हमेशा बुनियाद को मजबूत करता है ।