तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों एक वरिष्ठ आईएएस अफसर द्वारा अपने निज सचिव को हटाए जाने की चर्चा जोरों पर है। मंत्रालयीन सूत्रों के अनुसार, विभागीय अधिकारियों की लगातार शिकायतों और कथित अवैध वसूली के आरोपों के बाद यह कार्रवाई की गई है। बताया जा रहा है कि संबंधित अधिकारियों ने सीधे वरिष्ठ अफसर के समक्ष उपस्थित होकर निज सचिव की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई थीं।सूत्रों का दावा है कि विभाग के कई अधिकारी लंबे समय से निज सचिव के व्यवहार और कथित “लेन-देन आधारित कार्यशैली” से परेशान थे। आरोप है कि फाइलों के निपटारे, पदस्थापना से जुड़े मामलों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में अनौपचारिक दबाव बनाया जाता था। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन विभागीय हलकों में इसे लेकर चर्चाओं का दौर तेज है।बताया जा रहा है कि कुछ अधिकारियों ने हाल ही में वरिष्ठ आईएएस अफसर से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। अधिकारियों ने कथित तौर पर यह भी कहा कि सचिव के नाम का इस्तेमाल कर कई स्तरों पर अवैध वसूली की जा रही थी, जिससे विभाग की छवि प्रभावित हो रही थी। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ आईएएस अफसर ने तत्काल प्रभाव से अपने निज सचिव को हटा दिया।इस घटनाक्रम के बाद मंत्रालय और संबंधित विभाग में हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है। प्रशासनिक हलकों में इसे एक बड़ा संदेश माना जा रहा है कि अधिकारियों के नाम पर चलने वाले कथित “निज सचिव नेटवर्क” पर अब सख्ती शुरू हो सकती है।हालांकि इस पूरे मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन सत्ता और प्रशासनिक गलियारों में यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस प्रकरण से जुड़े कुछ और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।