विकास नंद/ सर्वव्यापी
पेट्रोल और डीजल की लगातार बनी किल्लत को लेकर रविवार को सरायपाली में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। विधायक चातुरी नंद के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पेट्रोल पंप के सामने प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आम जनता को हो रही परेशानियों पर नाराजगी जताई। हालांकि इस पूरे प्रदर्शन में महिला कार्यकर्ताओं और महिला नेताओं की गैरमौजूदगी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रही।प्रदर्शन के दौरान विधायक चातुरी नंद ने कहा कि क्षेत्र में डीजल और पेट्रोल की लगातार कमी से किसान, वाहन चालक, व्यापारी और आम नागरिक परेशान हैं। लोगों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, जिससे उनका दैनिक कामकाज प्रभावित हो रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द व्यवस्था सुधारने और पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध कराने की मांग की।वहीं पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अमृत पटेल ने कहा कि सरायपाली क्षेत्र में ईंधन संकट गहराता जा रहा है। पेट्रोल-डीजल की कमी से किसानों और व्यापारियों के साथ आम लोगों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।इधर पेट्रोल पंप के संचालक ने बताया कि वर्तमान में डीजल की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है, जिसके कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि सप्लाई सामान्य होने के बाद स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मौके पर पुलिस और प्रशासन की टीम भी तैनात रही ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे। सरायपाली में ईंधन संकट को लेकर हुआ यह प्रदर्शन पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा।इस अवसर पर पूर्व नपाध्यक्ष अमृत पटेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष कमल अग्रवाल, पूर्व शहर अध्यक्ष रामनारायण आदित्य, नरेन्द्र साहु, संतलाल बारिक, तेजराम पटेल, फिरोज खान, युवा कांग्रेस नेता राहुल बग्गा, पंकज सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वहीं राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा रही कि सरायपाली में महिला जनप्रतिनिधियों की मजबूत मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भागीदारी नजर नहीं आई। उल्लेखनीय है कि संजारी बालोद विधायक संगीता सिन्हा को हाल ही में प्रदेश महिला कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष कमान सौंपी गई है। इसके बावजूद महिला संगठन की सक्रियता प्रदर्शन में दिखाई नहीं देने से स्थानीय स्तर पर चर्चाएं शुरू हो गई हैं शायद सत्ता और संगठन में सब कुछ ऑल इज वेल नहीं है।