विकास नंद/ सर्वव्यापी
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने प्रदेशवासियों एवं क्षेत्रवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता और अस्तित्व की सबसे बड़ी संरक्षक है। पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।सरला कोसरिया ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी भी है। बढ़ते प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है, जिसे बचाने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर बड़े सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं और हरित, स्वच्छ एवं समृद्ध भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्य महिला आयोग की सदस्य सरला कोसरिया ने सभी नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशील जीवनशैली अपनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित किया जा सकता है।