विकास नंद/सर्वव्यापी
सुशासन तिहार 2026 के तहत प्राप्त आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निराकरण की समीक्षा के लिए आज छत्तीसगढ़ शासन के गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव तथा महासमुंद जिले की प्रभारी सचिव निहारिका बारिक ने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न विभागों की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी शिकायतों और मांगों का पारदर्शी, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि आम नागरिकों को योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।बैठक में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह, पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार, जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।प्रभारी सचिव ने विभागवार प्राप्त आवेदनों और उनके निराकरण की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन का गंभीरता से परीक्षण कर संतोषजनक समाधान उपलब्ध कराया जाए।उन्होंने राजस्व विभाग के लंबित मामलों, विशेषकर नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन प्रकरणों के त्वरित निराकरण पर जोर दिया। कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान किसानों को फसल विविधीकरण एवं फसल चक्र परिवर्तन के लिए प्रोत्साहित करने तथा खरीफ सीजन को देखते हुए खाद एवं बीज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में महतारी वंदन योजना, ई-केवाईसी तथा आंगनबाड़ी भवनों की स्थिति की जानकारी ली गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामीण विकास, स्वच्छता अभियान, आयुष्मान भारत योजना, आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र, ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाएं, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई।प्रभारी सचिव ने निर्देश दिए कि पेंशन, जाति प्रमाण पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र जैसी आमजन से जुड़ी छोटी-छोटी समस्याओं का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने “मोर गांव मोर पानी” अभियान के तहत जल संरक्षण को बढ़ावा देने, मनरेगा में श्रमिकों की संख्या बढ़ाने तथा स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया। मेडिकल कॉलेज को शीघ्र प्रारंभ करने तथा डॉक्टरों को संवेदनशीलता के साथ मरीजों का उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।बैठक में 40 समाधान शिविरों में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को 10 दिनों के भीतर लंबित मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए गए।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने बताया कि जिले में आयोजित 40 शिविरों में कुल 33,888 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 21,590 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है, जबकि 12,290 आवेदन लंबित हैं। प्राप्त आवेदनों में 32,863 मांग संबंधी तथा 1,025 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल हैं।पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार ने बैठक में जानकारी दी कि जिले में अपराध नियंत्रण के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है तथा अवैध शराब के मामलों में भी विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।