तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी
प्रदेश में बढ़ती बिजली दरों और आम जनता पर बढ़ते आर्थिक बोझ के खिलाफ कांग्रेस ने एक बार फिर सड़क पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। जिला कांग्रेस कमेटी बिलासपुर ग्रामीण एवं शहर के संयुक्त तत्वावधान में तिफरा स्थित विद्युत मंडल कार्यालय के घेराव कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोक चंद्र श्रीवास अपने दर्जनों सहयोगियों के साथ शामिल हुए।इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली बिलों में हुई बढ़ोतरी को जनविरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि महंगाई से पहले ही परेशान जनता पर बिजली दरों में वृद्धि कर सरकार ने अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है, जिससे आम उपभोक्ताओं, किसानों, छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।घेराव कार्यक्रम के दौरान त्रिलोक श्रीवास ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा जनता के हितों की लड़ाई लड़ती रही है और भविष्य में भी जनसमस्याओं को लेकर संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार जनहित के मुद्दों पर संवेदनशीलता दिखाने के बजाय लगातार ऐसे निर्णय ले रही है, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। उन्होंने बिजली बिल वृद्धि को तत्काल वापस लेने तथा उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की।कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए विद्युत मंडल कार्यालय का घेराव किया और सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। आंदोलन में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ता एवं नागरिक भी शामिल हुए।इस अवसर पर त्रिलोक श्रीवास के साथ मोहन जायसवाल, मनोज श्रीवास, आयुष सिंह राज, जितेन शर्मा (जीतू), चरण सिंह राज, कौशल श्रीवास्तव, धनंजय कश्यप, हृदयेश कश्यप, सोनूराम साहू, शुभम श्रीवास, कौशल साहू, उत्तम सिंह ठाकुर, पवन सिंह ठाकुर, शत्रुघ्न सिंह ठाकुर, रवी बघेल, चंद्रप्रकाश केशरवाणी, दादूराम लास्कर, आनंद श्रीवास, अजय श्रीवास, प्रहलाद साहू, दशरथ सूर्या सहित दर्जनों कांग्रेसजन उपस्थित रहे।कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बिजली दरों में की गई वृद्धि को वापस नहीं लिया गया तो पार्टी आगामी दिनों में व्यापक जनआंदोलन छेड़ने के लिए बाध्य होगी। यह प्रदर्शन आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा तथा बढ़ती महंगाई के खिलाफ कांग्रेस के संघर्ष का हिस्सा बताया गया।