जनसमस्याओं पर कलेक्टर सख्त, समय-सीमा बैठक में डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने अधिकारियों को दिए त्वरित निराकरण के निर्देश… पढ़ें पूरी खबर।

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नूर मोहम्मद ,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

जिले में लंबित जनशिकायतों और आम नागरिकों की समस्याओं के निराकरण को लेकर कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर ने विभागवार लंबित आवेदनों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसमस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर ने कहा कि जनदर्शन, मुख्यमंत्री जनदर्शन, जनचौपाल और अन्य माध्यमों से प्राप्त आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर पात्र हितग्राहियों को तत्काल लाभ दिलाया जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि जिन मामलों में पात्रता नहीं बनती, उनमें भी आवेदकों को नियमानुसार जानकारी देकर प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण किया जाए और अनावश्यक रूप से लंबित प्रकरणों को टीएल सूची में न रखा जाए। मानसून से पहले स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश बैठक में आगामी वर्षाकाल को देखते हुए मौसमी एवं जलजनित बीमारियों की रोकथाम पर विशेष चर्चा की गई। कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक दवाइयों, चिकित्सकीय उपकरणों तथा उपचार संबंधी संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह तैयार रहे। वहीं पशु चिकित्सा विभाग को पशुओं में फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण अभियान में तेजी लाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।*कम बारिश की आशंका पर अभी से तैयारी के आदेश*कलेक्टर ने जल संरक्षण और जल संवर्धन को लेकर भी अधिकारियों को गंभीरता से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में निर्मित एनीकट, स्टॉप डैम, डबरियों और अन्य जल संरचनाओं में अधिकतम जल भराव सुनिश्चित करने की तैयारी करने को कहा। साथ ही संभावित कम वर्षा की स्थिति को देखते हुए अभी से ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि भविष्य में जल संकट की स्थिति उत्पन्न होने पर प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सके।*किसानों तक पहुंचे वैज्ञानिक सलाह, वैकल्पिक फसलों पर दें जोर*कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से गांव-गांव बैठकें आयोजित करने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए। यदि वर्षा सामान्य से कम होती है तो किसानों को कम पानी में तैयार होने वाली वैकल्पिक फसलों के बारे में जानकारी दी जाए तथा उन्हें वैज्ञानिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।*धान उठाव, खाद-बीज और पेयजल व्यवस्था की भी समीक्षा*बैठक के दौरान समर्थन मूल्य पर खरीदे गए धान के शेष उठाव की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने संबंधित समितियों को शीघ्र उठाव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा जिले में डीजल-पेट्रोल की उपलब्धता, पेयजल व्यवस्था तथा किसानों के लिए खाद-बीज के उठाव और वितरण की स्थिति की भी विस्तार से समीक्षा की गई।कलेक्टर ने सभी विभागीय अधिकारियों को शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आम जनता की समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, एसडीएम पेण्ड्रारोड विक्रांत अंचल, एसडीएम मरवाही देवेन्द्र सिरमौर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


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