विकास नंद/ सर्वव्यापी/
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और उर्वरक भंडारण एवं वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से कृषि एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने सरायपाली विकासखंड के ग्राम जोगनीपाली स्थित एक उर्वरक गोदाम पर बड़ी कार्रवाई की। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अनुपमा आनंद की मौजूदगी में हुई इस कार्रवाई के दौरान आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर गोदाम को सील कर वहां रखी कुल 978 बोरी उर्वरक जब्त कर ली गई।जानकारी के अनुसार संयुक्त टीम ने मेसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स, सरायपाली के स्वामित्व वाले जोगनीपाली स्थित उर्वरक भंडारण केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान गोदाम का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसमें 440 बोरी यूरिया, 250 बोरी 20:20:0:13 तथा 288 बोरी एसएसपी सहित कुल 978 बोरी उर्वरक भंडारित पाए गए।जांच के दौरान प्रतिष्ठान संचालक से उर्वरक भंडारण केंद्र से संबंधित आवश्यक अभिलेख एवं दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन वह निर्धारित दस्तावेज मौके पर उपलब्ध नहीं करा सके। इसके बाद एसडीएम अनुपमा आनंद की उपस्थिति में पंचनामा तैयार कर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 के खंड 28(1)(डी), प्रोफार्मा-2, प्रोफार्मा-2ए एवं प्रोफार्मा-4 के तहत नियमानुसार कार्रवाई की गई।संयुक्त टीम ने तत्काल प्रभाव से भंडारण केंद्र को सील कर वहां मौजूद सभी 978 बोरी उर्वरक जब्त कर लिए। आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद जब्त उर्वरकों को मेसर्स अग्रवाल ट्रेडर्स, सरायपाली के सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खरीफ सीजन में किसानों को समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से जिलेभर में उर्वरक भंडारण केंद्रों, विक्रय प्रतिष्ठानों एवं गोदामों का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है। जहां भी नियमों का उल्लंघन, अनियमित भंडारण अथवा आवश्यक दस्तावेजों में कमी पाई जाएगी, वहां संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस कार्रवाई से जिले के उर्वरक विक्रेताओं और भंडारणकर्ताओं में हड़कंप की स्थिति है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा उर्वरकों की कालाबाजारी, अवैध भंडारण और नियमों के उल्लंघन पर लगातार निगरानी रखते हुए कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।