विकास नंद/ सर्वव्यापी
नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार हो रही बिजली कटौती और बार-बार बाधित हो रही विद्युत आपूर्ति से आमजन का धैर्य जवाब देने लगा है। भीषण गर्मी और उमस के बीच घंटों तक बिजली गुल रहने से लोगों की दिनचर्या बुरी तरह प्रभावित हो रही है। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारी, विद्यार्थी और किसान भी इस अव्यवस्था से खासे परेशान हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली संबंधी शिकायतों के निराकरण में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई जा रही है। कई स्थानों पर बार-बार एक जैसी समस्याएं सामने आने के बावजूद उनका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है। नागरिकों का आरोप है कि तकनीकी अनुभव और प्रभावी समन्वय के अभाव में विद्युत व्यवस्था लगातार चरमराती जा रही है, जिससे लोगों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।इसी बीच विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, विद्युत विभाग के युवा एवं लंबे समय तक सरायपाली क्षेत्र में सेवाएं देने वाले जूनियर इंजीनियर भुवनेश्वर सिंह कंवर, जिनका हाल ही में जिला मुख्यालय महासमुंद तबादला हुआ है, उन्हें पुनः सरायपाली में पदस्थ किए जाने की मांग स्थानीय स्तर पर जोर पकड़ रही है।क्षेत्रवासियों का मानना है कि भुवनेश्वर सिंह कंवर अपने कार्यकाल के दौरान क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था, तकनीकी चुनौतियों और ग्रामीण नेटवर्क की गहरी समझ के कारण उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान करते थे। फॉल्ट सुधार और शिकायतों के शीघ्र निराकरण के चलते उन्होंने आम जनता के बीच एक भरोसेमंद अधिकारी की पहचान बनाई थी। यही कारण है कि मौजूदा परिस्थितियों में उनकी वापसी को लेकर जनचर्चा तेज हो गई है।लोगों का कहना है कि यदि अनुभवी अधिकारियों की सेवाएं फिर से सरायपाली को मिलती हैं, तो बिजली व्यवस्था में सुधार आने के साथ उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली परेशानियों से राहत मिल सकती है।हालांकि, इस संबंध में विद्युत विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान या निर्णय सामने नहीं आया है। फिलहाल सरायपाली में बिजली संकट के बीच अनुभवी जेई भुवनेश्वर सिंह कंवर की वापसी की चर्चा आम लोगों के बीच प्रमुख विषय बनी हुई है और अब सभी की निगाहें विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्णय पर टिकी हैं।