नूर मोहम्मद,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (सर्वव्यापी)

“दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार” के संकल्प के साथ जिले में रविवार को राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की शुरुआत हुई। जिला चिकित्सालय में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने नन्हे बच्चों को पोलियो की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया और स्पष्ट संदेश दिया कि एक भी बच्चा छूटना नहीं चाहिए, क्योंकि पोलियो के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार समय पर दी गई यही दो बूंद हैं।स्वास्थ्य विभाग ने इस बार जिले के 53,490 बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुँचाने का लक्ष्य तय किया है। पहले दिन जिले के सभी निर्धारित पोलियो बूथों पर बच्चों को दवा पिलाई गई, जबकि अब अभियान का सबसे अहम चरण शुरू होगा। 29 और 30 जून को स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर जाकर उन बच्चों की तलाश करेंगी जो किसी कारणवश बूथ तक नहीं पहुँच सके।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा ने बताया कि पूरे जिले में व्यापक स्तर पर स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. के.के. सोनी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि स्वास्थ्य टीम उनके घर पहुँचे तो पूरा सहयोग करें और 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को पोलियो की दो बूंद अवश्य पिलवाएँ। विशेषज्ञों का कहना है कि पोलियो का कोई इलाज नहीं है, लेकिन समय पर दी गई दो बूंदें जीवनभर की सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।संदेश साफ है–सिर्फ दो बूंद, लेकिन पूरे जीवन भर की सुरक्षा। पोलियो मुक्त भारत का सपना तभी पूरा होगा, जब जिले का कोई भी बच्चा इस अभियान से छूटेगा नहीं।