55 लाख के शौचालय घोटाले में निलंबित सचिव को फिर मिला दोहरा प्रभार: भरारी-सेंदरी पंचायत में गौण खनिज मद में गड़बड़ी का आरोप, कलेक्टर से निलंबन की मांग।

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तरुण कौशिक, संपादक सर्वव्यापी

बिलासपुर जिले के जनपद पंचायत बिल्हा के अंतर्गत ग्राम पंचायत भरारी में गौण खनिज-वित्त आयोग मद के दुरुपयोग और आरटीआई आदेश की अवहेलना का सनसनीखेज मामला सामने आया है। लोकनायक जयप्रकाश सर्वहारा समिति ने कलेक्टर बिलासपुर को ज्ञापन सौंपकर भरारी एवं सेंदरी ग्राम पंचायत के दोहरा प्रभार वाले सचिव अनूप यादव को तत्काल निलंबित कर यादव के संपत्ति की जांच की मांग की है।*55 लाख का पुराना दाग, फिर भी मिला प्रभार* ज्ञापन में सबसे गंभीर आरोप यह है कि सचिव अनूप यादव इसके पूर्व बहतराई ग्राम पंचायत में पदस्थ रहते हुए कागजों में शौचालय निर्माण दर्शाकर *55 लाख रुपये के घोटाले के आरोप में निलंबित हो चुके हैं।* बहतराई पंचायत का अब नगर निगम में विलय हो गया है। समिति अध्यक्ष भार्गव का आरोप है कि “आदतन भ्रष्ट आचरण के बावजूद पुनः महत्वपूर्ण वित्तीय प्रभार दिया जाना शासकीय धन की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।”*RTI आदेश को 17 दिन से ठेंगा* प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं CEO जनपद पंचायत बिल्हा ने प्रकरण क्रमांक 109/2026 दिनांक 11.06.2026 में स्पष्ट आदेश दिया था कि सचिव 15 दिवस में आवेदक भार्गव को निःशुल्क जानकारी उपलब्ध कराएं। 28 जून तक जानकारी नहीं दी गई, जो RTI अधिनियम 2005 की धारा 7(6) एवं 20 का सीधा उल्लंघन है।*गौण खनिज मद में मनमानी* समिति का आरोप है कि अपीलीय आदेश की अवहेलना करते हुए सचिव द्वारा गौण खनिज-वित्त आयोग के आबंटन में मनमानी की जा रही है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं वास्तविकता संदिग्ध है। कागजों में पूर्ण दिखाए गए कार्यों का भौतिक सत्यापन जरूरी है।*5 सूत्रीय मांग, 15 दिन में जवाब तलब* ज्ञापन में मांग की गई है: 1. *तत्काल निलंबन:* दोहरा प्रभार वाले सचिव अनूप यादव को निलंबित किया जाए ताकि जांच प्रभावित न हो।2. *जिला स्तरीय जांच दल:* RTI अवहेलना, 2025-26 के गौण खनिज मद के कार्यों का भौतिक सत्यापन, 55 लाख के शौचालय घोटाले और सचिव के निजी बैंक खातों-संपत्ति की जांच हो।3. *वित्तीय प्रभार सीज:* जांच पूर्ण होने तक समस्त वित्तीय/प्रशासकीय प्रभारों से पृथक कर शासकीय भुगतान पर रोक लगे।4. *तत्काल जानकारी:* अपीलीय आदेश के पालन में आवेदक को वांछित जानकारी निःशुल्क दी जाए।5. *कठोर कार्यवाही:* दोष सिद्ध होने पर छ.ग. पंचायत सेवा आचरण नियम 1998 एवं सिविल सेवा नियम 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही व राशि की वसूली हो।समिति ने कृत कार्यवाही से 15 दिवस में अवगत कराने को कहा है। ज्ञापन के साथ प्रथम अपीलीय आदेश 11.06.2026 एवं 29.05.2026 के ज्ञापन की छायाप्रति संलग्न है।*प्रतिलिपि चार अफसरों को* इस ज्ञापन की प्रतिलिपि कमिश्नर बिलासपुर संभाग, सीईओ जिला पंचायत बिलासपुर, उप संचालक पंचायत एवं समाज कल्याण विभाग तथा एसडीएम राजस्व बिलासपुर को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु भेजी गई है।


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