जेईई-एडवांस्ड 2026 में शिवांश चन्द्राकर की शानदार सफलता, अखिल भारतीय रैंक 16000 हासिल कर बिलासपुर और कुर्मी समाज का बढ़ाया गौरव।

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तरुण कौशिक, संपादक, सर्वव्यापी

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की (Indian Institute of Technology Roorkee) द्वारा घोषित जेईई-एडवांस्ड 2026 के परिणामों में बिलासपुर के मेधावी छात्र शिवांश चन्द्राकर ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अखिल भारतीय रैंक 16000 तथा अन्य पिछड़ा वर्ग श्रेणी में लगभग 4000वीं रैंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे बिलासपुर शहर एवं कुर्मी समाज का नाम गौरवान्वित किया है। इस उपलब्धि के साथ एक बार फिर यह सिद्ध हुआ है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर परिश्रम और उचित मार्गदर्शन के बल पर राष्ट्रीय स्तर की कठिन परीक्षाओं में भी सफलता अर्जित की जा सकती है।शिवांश चन्द्राकर, बिलासपुर स्थित आकाश करियर इंस्टीट्यूट, लिंक रोड के विद्यार्थी रहे हैं और वे जिला युवा कुर्मी क्षत्रिय समाज के संस्थापक, छत्तीसगढ़ कुर्मी क्षत्रिय समाज के पूर्व सचिव तथा भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के जिला मंत्री एवं समाजसेवी डॉ. धर्मेन्द्र चन्द्राकर के इकलौते सुपुत्र हैं। उनकी इस सफलता से परिवार, समाज और क्षेत्र में हर्ष का वातावरण है।शिवांश की शैक्षणिक यात्रा प्रारंभ से ही उत्कृष्ट रही है। वे बिलासपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल के छात्र रहे हैं और कक्षा पहली से लेकर बारहवीं तक लगातार अपनी कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करते रहे हैं। उनकी मेहनत और लगन का ही परिणाम है कि उन्होंने इससे पूर्व आयोजित संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) में भी 98 प्रतिशत अंकमान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। अब संयुक्त प्रवेश परीक्षा (उन्नत) जैसी देश की सबसे कठिन और प्रतिष्ठित अभियंत्रण प्रवेश परीक्षाओं में सफलता हासिल कर उन्होंने अपने उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखी है।ज्ञात हो कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (उन्नत) देश की सबसे चुनौतीपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, जिसके माध्यम से देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों में प्रवेश मिलता है। इस वर्ष आयोजित परीक्षा में देशभर के लाखों प्रतिभागियों के बीच शिवांश चन्द्राकर ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सफलता अर्जित की है। परीक्षा केंद्र रायपुर में था, जहां उन्होंने छह घंटे की कठिन परीक्षा देकर यह उपलब्धि हासिल की।शिवांश की इस सफलता की जानकारी मिलते ही उनके निवास ‘राधाकृष्ण भवन-25’, शुभम विहार, बिलासपुर में बधाई देने वालों का तांता लग गया। बिलासपुर शहर के विधायक अमर अग्रवाल, भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक सिंह तथा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष दिनेश राजपूत ने उनके निवास पहुंचकर शिवांश को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इसके अतिरिक्त कांग्रेस नेता प्रमोद नायक, तरु तिवारी, मनीष श्रीवास्तव, आलोक खंडेलवाल, सुरेश देवांगन, पूर्व पार्षद एवं मंडल अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण कश्यप (बबलू), विमल गुप्ता सहित अनेक सामाजिक, राजनीतिक एवं पारिवारिक सदस्यों तथा इष्ट मित्रों ने भी शिवांश को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।कुर्मी क्षत्रिय चेतना मंच के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कौशिक, लक्ष्मी गल्हर्ड, देवी चन्द्राकर, शकुन पाटनवार, लता पाटनवार, गीता कश्यप तथा कुर्मी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष प्रीति पाटनवार ने भी शिवांश के निवास पहुंचकर उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनकी उपलब्धि को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।इसी प्रकार, सुगम विहार विकास समिति के अध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय, सुरेन्द्र सिंह राजपूत, कौशल सिंह सहित कॉलोनीवासियों ने भी शिवांश चन्द्राकर की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका अभिनंदन किया।शिवांश के माता-पिता सामाजिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनकी माता सोनल चन्द्राकर शासकीय शिक्षिका हैं, जबकि उनके पिता डॉ. धर्मेन्द्र चन्द्राकर सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में लंबे समय से सक्रिय हैं। परिवार का मानना है कि शिवांश की सफलता के पीछे नियमित अध्ययन, अनुशासन, पारिवारिक सहयोग और शिक्षकों का मार्गदर्शन महत्वपूर्ण रहा है।इस अवसर पर सर्वव्यापी संपादक, छत्तीसगढ़िया एकता मंच के प्रदेश अध्यक्ष, ग्लोबल जर्नलिस्ट एंड मीडिया संघ छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव तरुण कौशिक ने भी शिवांश चन्द्राकर से भेंट कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।उल्लेखनीय है कि संयुक्त प्रवेश परीक्षा (उन्नत) 2026 के परिणाम घोषित होने के साथ ही देश के प्रतिष्ठित अभियंत्रण संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है, जो जुलाई 2026 तक पूर्ण होने की संभावना है। शिवांश चन्द्राकर की यह उपलब्धि न केवल बिलासपुर जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि कठिन परिश्रम, समर्पण और आत्मविश्वास के बल पर राष्ट्रीय स्तर पर भी सफलता का परचम लहराया जा सकता है।


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