बिलासपुर/के.एस.ठाकुर/ कार्यकारी संपादक सर्वव्यापी /
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के संसदीय क्षेत्र बिलासपुर जिले में इन दिनों शिक्षा विभाग में पंडितों का दबदबा देखने को मिल रहा है। जहां पर जिला शिक्षा अधिकारी से लेकर तमाम उच्च पदों पर पंडितों का पदस्थापना किए जाने से साहू समाज में नाराजगी देखने को मिल रहा है। कल ही कलेक्टर अवनीश शरण ने जिले के कोटा विकास खंड के शिक्षा अधिकारी विजय टांडे को रिश्वतखोरी के मामले पर पद से हटाया है और तत्काल एक पंडित जी को यहां का प्रभारी बीईओ बनाए जाने के बाद आज केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू के कार्यालय में साहू समाज के कुछ वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता पहुंचकर मंत्री जी को कहां कि यहां केंद्रीय राज्य मंत्री आप हो और उप मुख्यमंत्री अरुण साव का भी कर्म स्थल बिलासपुर ही है लेकिन आप दोनों के रहते बिलासपुर लोक सभा क्षेत्र की बात दूर बिलासपुर जिले में ही पंडितों को शिक्षा विभाग में पदस्थ करते हुए पंडितों का दबदबा बनाने का कार्य प्रशासन किसके संरक्षण पर कर रहा है। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति द्वारा केंद्रीय मंत्री से मिलकर अपने करीबी रिश्तेदार को कलेक्टर दर पर नौकरी करने के लिए कलेक्टर से सिफारिश कराया था मगर कलेक्टर अवनीश शरण ने यह जानते हुए भी वह व्यक्ति साहू समाज से है और वह केंद्रीय राज्य मंत्री और उप मुख्यमंत्री के रिश्ते दार में शामिल हैं उसके बाद भी कलेक्टर अवनीश शरण ने एक छोटे से पद पर नियुक्ति नहीं कराई । जबकि आज जिले में हजारों की संख्या में कलेक्टर दर पर घर बैठे प्लेसमेंट और कलेक्टर दर पर जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदार वेतन पा रहे हैं। वहीं कल ही कोटा विकास खंड में एक पंडित को प्रभारी बीईओ बनाए जाने के कारण साहू समाज में ही नहीं बल्कि ओबीसी वर्ग भी हैरान रह गये है कि आखिर जिला प्रशासन को अन्य समाज से वरिष्ठ शिक्षक, प्राचार्य नहीं मिला जो एक जिला से लेकर विकास खंड में भी पंडितों का दबदबा बढ़ाने के लिए बीईओ बनाए गये है। फिलहाल आज बिलासपुर जिला शिक्षा विभाग में पंडितों का दबदबा होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।